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जब 28 साल की उम्र ने अनुपम खेर ने निभाया था 65 साल के बुजुर्ग का रोल, पढ़ें मजेदार किस्सा

आज अनुपम खेर का जन्मदिन है. आज हम उनके फिल्म डेब्यू का एक ऐसा किस्सा बता रहे हैं, जिसमें उन्होंने 28 साल की उम्र में 65 साल के बुजुर्ग का रोल अदा किया था.

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Shilpa Srivastava

मुंबई: हिंदी सिनेमा में कई ऐसे एक्टर्स ने जिन्हें शायद कभी मेन लीड का रोल तो नहीं मिला, लेकिन लोगों के दिलों पर अपनी छाप छोड़ने में सबसे आगे रहे हैं. इन्हीं में से एक अनुपम खेर हैं, जिन्होंने कई तरह के किरदार निभाए हैं. लगभग चार दशकों में, इस एक्टर ने पिता से लेकर विलेन और कॉमिक कैरेक्टर तक कई किरदार अदा किए हैं. इनकी फिल्मों की लिस्ट सिनेमा के अलग-अलग जॉनर और जेनरेशन में फैली हुई है.

आज, 7 मार्च को अनुपम खेर अपना 71वां जन्मदिन मना रहे हैं. आज उनके जन्मदिन पर हम एक ऐसा किस्सा बता रहे हैं, जो आपको हैरान कर देगा. हो सकता है कि कई लोगों को इस बारे में पता हो, लेकिन कई लोग होंगे जो इस किस्से के बारे में नहीं जानते होंगे. बता दें कि एक ऐसी मूवी भी है, जिसमें अनुपम खेर ने 28 साल का होते हुए एक 65 साल के बुजुर्ग का किरदार बखूबी निभाया है. 

जब सारांश में 28 साल के लड़के ने निभाया था 65 साल के आदमी का रोल:

सारांश मूवी के बारे में कई लोग जानते होंगे. इस मूवी में केवल 28 साल की उम्र में, अनुपम खेर ने बी.वी. प्रधान का रोल अदा किया था. अनुपम खेर ने 1984 में महेश भट्ट की फिल्म सारांश से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इस फिल्म कोकेवल उसकी कहानी ही खास नहीं बनाती है, बल्कि इसके लिए एक्टर का ट्रांसफोर्मेशन भी ऱखान बनाता है. 

अनुपम खेर ने बी.वी. प्रधान का रोल अदा किया था, जो अपने बेटे को खोने के गम में डूबा रहता है. इसमें खेर की उम्र 65 साल बताई गई है. इस रोल के लिए इमोशनल गहराई और मैच्योरिटी की जरूरत थी. इस तरह की उम्मीद किसी डेब्यू एक्टर से कम ही की जाती है, लेकिन अनुपम खेर ने इस रोल के साथ पूरा जस्टिस किया था.

फिल्म में अनुपम खेर के लिए खुद को पहचानना था मुश्किल:

फिल्म में जिस तरह का उनका अपिरियंस था, अनुपम खेर शायद ही खुद को पहचान पाते होंगे. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें लगता है कि वो कोई और हैं. वो उनकी पहली मूवी थी. उन्होंने इस रोल के लिए भगवान का शुक्रिया अदा किया. साथ ही कहा था कि वो खुद को एक एक्टर के तौर पर बनाना चाहते थे लेकिन उनके लिए इस ड्रीम डेब्यू से बेहतर कुछ नहीं था. अनुपम खेर को इस परफॉर्मेंस से काफी तारीफ मिली और एक सीरियस एक्टर के तौर पर उन्हें अच्छी-खासी पहचान मिली.