साउथ की ये 5 फिल्में विदेशों में हुई बैन, इन मुस्लिम देशों ने जताई आपत्ति

Indian movies banned in muslim countries: साउथ की कई ऐसी फिल्में हैं जो देश में सुपरहिट रहीं लेकिन विदेशों में इनको बैन कर दिया गया. इसमें थलापति विजय से लेकर कमल हसन तक का नाम शामिल है.

India Daily Live

फिल्मों पर सेंसरशिप का मुद्दा हमेशा से चर्चा का विषय रहा है. कभी राजनीतिक कारणों से तो कभी धार्मिक वजहों से फिल्मों पर कैंचियां चलती रही हैं. कई मामलों में तो बैन तक की भी नौबत आ जाती है. ऐसा नहीं है कि देश में बनने वाली फिल्मों को सिर्फ यहीं बैन किया जाता है. विदेशों में भी कई भारतीय फिल्मों को बैन किया जा चुका है. इसमें साउथ के सुपरस्टार थलापति विजय, कमल हसन समेत कई नाम हैं. आज हम आपको साउथ की 5 ऐसी ही फिल्मों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनपर विदेशों में बैन लगाया गया है.

1- सीता रामम

sita ramam

दुलकर सलमान और मृणाल ठाकुर की 'सीता रामम' को तमिल, तेलुगु, मलयालम और हिंदी में रिलीज होने पर दर्शकों का प्यार मिला. हालांकि, इसकी रिलीज को संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कुवैत, कतर, बहरीन और ओमान सहित कई देशों में बैन लगा दिया गया. इस बैन के पीछे की वजह फिल्म के कंटेंट से जुड़ी थी. 1960 के दशक में युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म को धार्मिक कारणों से मंजूरी नहीं मिली थी.  

2- बीस्ट

beast

साउथ के सुपरस्टार थलपति विजय की फिल्म 'बीस्ट' 13 अप्रैल, 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. ये कहानी एक  पूर्व-रॉ एजेंट के उपर थी. जहां फिल्म ने सिनेमाघरों में खूब वाहवाही लूटी, वहीं इसे कुवैत और कतर में बैन का सामना करना पड़ा.बैन के पीछे का कारण फिल्म में इस्लामी व्यक्तियों को चरमपंथियों के रूप में चित्रित करना था. 

3- कुरुप

kurup

दुलकर सलमान और शोभिता धुलिपाला की फिल्म 'कुरुप' एक थ्रिलर थी जो भगोड़े सुकुमारा कुरुप के जीवन पर आधारित थी. श्रीनाथ राजेंद्रन द्वारा निर्देशित इस फिल्म को कई भाषाओं में रिलीज किया गया था. इस फिल्म में भगोड़े सुकुमार कुरुप को कुवैत में शरण लेते हुए दिखाया गया है. इसलिए अपनी सफलता के बावजूद, फिल्म को कुवैत में बैन का सामना करना पड़ा.

4-विश्वरूपम

vishwaroopam

कमल हासन की फिल्म विश्वरूपम तमिल और हिंदी दोनों भाषाओं में बनी एक जासूसी एक्शन थ्रिलर थी. इस फिल्म को अपने शीर्षक और इस्लाम के चित्रण से संबंधित घरेलू विवादों से लेकर संयुक्त अरब अमीरात और मलेशिया जैसे देशों में अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध तक का सामना करना पड़ा. संयुक्त अरब अमीरात में फिल्म को इस्लाम को आतंकवाद से जोड़कर दिखाने के कारण प्रतिबंध का सामना करना पड़ा. 

5- एफआईआर

FIR

विष्णु विशाल की तमिल क्राइम थ्रिलर एफआईआर को कुवैत, मलेशिया और कतर जैसे देशों में प्रतिबंध का सामना करना पड़ा. इस फिल्म को इन देशों में सेंसर बोर्ड से मंजूरी नहीं मिली. फिल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्तियां उठाते हुए बैन लगा दिय गया.