menu-icon
India Daily

लोन लेकर इस देश में पढ़ाई का सपना पड़ सकता है भारी, भारतीय छात्रों को चेतावनी

आयरलैंड में पढ़ाई करने गए एक भारतीय छात्र ने वहां की जॉब मार्केट की सच्चाई सामने रखी है. सोशल मीडिया पर साझा अनुभव में बताया गया है कि डिग्री के बावजूद नौकरी मिलना मुश्किल हो गया है.

reepu
Edited By: Reepu Kumari
लोन लेकर इस देश में पढ़ाई का सपना पड़ सकता है भारी, भारतीय छात्रों को चेतावनी
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: पिछले कुछ वर्षों में आयरलैंड भारतीय छात्रों के बीच पढ़ाई के लिए तेजी से लोकप्रिय हुआ है. ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में सख्त इमिग्रेशन नियमों के बाद बड़ी संख्या में छात्र आयरलैंड की यूनिवर्सिटीज का रुख कर रहे हैं.

लेकिन अब आयरलैंड से जुड़ी एक सच्चाई सामने आई है, जिसने छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है. पढ़ाई के बाद नौकरी न मिलने से आर्थिक संकट गहराता जा रहा है.

पढ़ाई के बाद नौकरी की हकीकत

आयरलैंड में मास्टर्स करने वाले भारतीय छात्र ने बताया कि डिग्री हासिल करने के बाद भी टेक्निकल सेक्टर में नौकरी मिलना बेहद कठिन है. उसके अनुसार, कंप्यूटर साइंस जैसे लोकप्रिय कोर्स के बावजूद अधिकांश ग्रेजुएट्स को सुपरमार्केट, रेस्तरां और बार में काम करना पड़ रहा है. इससे करियर ग्रोथ और आर्थिक स्थिरता दोनों पर असर पड़ रहा है.

अनुभव के बावजूद सीमित मौके

पोस्ट करने वाले भारतीय के पास पढ़ाई से पहले लंदन और दुबई में पांच साल का वर्क एक्सपीरियंस था. इसी अनुभव के कारण उसे किसी तरह नौकरी मिल सकी. उसने बताया कि फ्रेश ग्रेजुएट्स के लिए स्थिति और भी खराब है. कंपनियां अनुभव के बिना गैर-यूरोपीय संघ के छात्रों को नौकरी देने से बच रही हैं.

वीजा और स्पांसरशिप की चुनौती

भारतीय वर्कर ने यह भी बताया कि आयरलैंड में वीजा स्पांसरशिप हासिल करना आसान नहीं है. सरकार ने न्यूनतम सैलरी लिमिट बढ़ा दी है, जिससे कंपनियां विदेशी छात्रों को हायर करने में रुचि नहीं दिखा रही हैं. इसका सीधा असर भारतीय छात्रों के करियर और भविष्य की योजनाओं पर पड़ रहा है.

भारत लौटने को मजबूर छात्र

कई छात्रों को वीजा अवधि खत्म होने के बाद भारत लौटना पड़ा है. इनमें से बड़ी संख्या ऐसे छात्रों की है, जो एजुकेशन लोन चुकाने में असमर्थ हैं. पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद नौकरी न मिलना उनके लिए दोहरी मार साबित हो रहा है.

लोन लेकर आने की चेतावनी

भारतीय ने साफ कहा है कि एजुकेशन लोन लेकर आयरलैंड आना बड़ा जोखिम हो सकता है. उसका मानना है कि इससे न केवल छात्र बल्कि उनके माता-पिता की आर्थिक सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है. उसने छात्रों को सलाह दी है कि विदेश जाने से पहले जमीनी हकीकत को समझना बेहद जरूरी है.