अब घर बैठे कर सकेंगे पढ़ाई, इग्नू ने शुरू किया फैशन डिजाइनिंग का नया कोर्स, 12वीं पास छात्रों के लिए सुनहरा मौका

फैशन डिजाइनिंग में करियर बनाने की चाह रखने वाले छात्रों के लिए इग्नू ने नया बीएससी फैब्रिक एंड अपैरल डिजाइन कोर्स शुरू किया है. यह चार साल का ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम है, जिसमें छात्र घर बैठे पढ़ाई कर सकते हैं और फैशन इंडस्ट्री में भविष्य बना सकते हैं.

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Babli Rautela

नई दिल्ली: फैशन डिजाइनिंग में करियर बनाने की योजना बना रहे छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. Indira Gandhi National Open University ने फैशन से जुड़े छात्रों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए नया बीएससी फैब्रिक एंड अपैरल डिजाइन कोर्स शुरू किया है. यह कोर्स खास तौर पर उन छात्रों के लिए लाया गया है जो नियमित कॉलेज नहीं जा सकते लेकिन फैशन इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं. इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड में कराया जाएगा.

इग्नू का यह नया कोर्स चार साल का स्नातक प्रोग्राम है. हालांकि इसकी सामान्य अवधि तीन साल रखी गई है लेकिन छात्रों को इसे पूरा करने के लिए अधिकतम चार साल का समय दिया जाएगा. इस कोर्स में कुल 120 क्रेडिट शामिल हैं. हर साल परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी ताकि छात्रों का मूल्यांकन सही तरीके से किया जा सके.

क्या क्या सिखाया जाएगा इस कोर्स में

बीएससी फैब्रिक एंड अपैरल डिजाइन कोर्स में छात्रों को फैशन डिजाइनिंग से जुड़ी गहराई से जानकारी दी जाएगी. इसमें कपड़ों की डिजाइनिंग, टेक्सटाइल की समझ, फैब्रिक की पहचान और अपैरल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े विषय शामिल हैं. थ्योरी के साथ साथ प्रैक्टिकल स्किल्स पर भी पूरा फोकस रखा गया है. इससे छात्रों को फैशन इंडस्ट्री में काम करने के लिए जरूरी व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और उन्हें जॉब पाने में आसानी होगी.

कौन कर सकता है आवेदन

इस कोर्स में आवेदन करने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं. उम्मीदवार का अंग्रेजी माध्यम से साइंस विषय के साथ 12वीं पास होना जरूरी है. इसके अलावा यह भी शर्त रखी गई है कि उम्मीदवार ने 12वीं पास किए कम से कम तीन से छह साल पूरे कर लिए हों. तभी वह इस कोर्स के लिए आवेदन करने के योग्य माना जाएगा.

इस फैशन डिजाइनिंग कोर्स की फीस लगभग 11 हजार रुपये प्रति वर्ष रखी गई है. कम फीस होने के कारण यह कोर्स मध्यम और कमजोर आर्थिक वर्ग के छात्रों के लिए भी काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. चार साल के इस कोर्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि छात्र धीरे धीरे बेसिक से एडवांस लेवल तक की जानकारी हासिल कर सकें.

मल्टीपल एग्जिट का मिलेगा फायदा

इस कोर्स की सबसे खास बात यह है कि इसमें मल्टीपल एग्जिट की सुविधा दी गई है. इसका मतलब यह है कि अगर कोई छात्र किसी कारण से पढ़ाई बीच में छोड़ना चाहता है तो उसे खाली हाथ नहीं लौटना पड़ेगा. एक साल की पढ़ाई पूरी करने पर छात्र को यूजी सर्टिफिकेट मिलेगा. दो साल पूरे करने पर यूजी डिप्लोमा दिया जाएगा. तीन साल की पढ़ाई पूरी करने पर बीएससी डिग्री मिलेगी. वहीं चार साल तक पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को बीएससी ऑनर्स की डिग्री प्रदान की जाएगी.