Earthquake Expert Career: भूकंप एक्सपर्ट कैसे बनें? पढ़ाई से लेकर सैलरी तक जानिए हर जरूरी बात, जमकर छापेंगे नोट
12वीं के बाद PCM या PCB स्ट्रीम के छात्र B.Sc कर सकते हैं. PG के लिए GATE, JAM या यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट देना होता है. रिसर्च और PHD के लिए UGC-NET या CSIR-NET जरूरी होता है. IGNOU जैसे संस्थान डिजास्टर मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स भी ऑफर करते हैं.
Earthquake Expert Career: रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र कामचटका में मंगलवार रात 11:24 बजे (GMT) भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. भूकंप एक्सपर्ट की माने तो रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 8.8 दर्ज की गई. इसके साथ ही लोगों को सर्तक रहने के लिए चेतावनी जारी की गई है. लेकिन क्या आप जानते हैं कौन होते हैं भूकंप एक्सपर्ट. भूकंप एक्सपर्ट बनने के लिए क्या पढ़ना पड़ता है. भूकंप आने पर धरती तो हिलती ही है, लोगों का दिल भी कांप उठता है. जान-माल के बड़े नुकसान के बीच सबसे ज्यादा जरूरत होती है ऐसे एक्सपर्ट्स की जो इन आपदाओं को पहले से पहचान सकें और उससे निपटने की तैयारी करा सकें. ऐसे में अगर आपकी दिलचस्पी जियोफिजिक्स, सिस्मोलॉजी या डिजास्टर मैनेजमेंट में है तो आप भी भूकंप एक्सपर्ट बन सकते हैं और शानदार करियर बना सकते हैं.
इस फील्ड में न सिर्फ सरकारी और रिसर्च सेक्टर में शानदार मौके मिलते हैं, बल्कि प्राइवेट और इंटरनेशनल लेवल पर भी तगड़ी कमाई होती है. आइए जानते हैं कि भूकंप एक्सपर्ट बनने के लिए क्या पढ़ाई करनी होती है, कौन से टॉप कॉलेज हैं और कितना मिलता है पैकेज.
पढ़ाई क्या करनी होगी?
भूकंप एक्सपर्ट बनने के लिए सिस्मोलॉजी, जियोलॉजी, जियोफिजिक्स और डिजास्टर मैनेजमेंट जैसे विषयों में पढ़ाई करनी होती है. इन कोर्सेज़ में भूकंप के वैज्ञानिक पहलू, भूकंपरोधी डिजाइन और क्राइसिस मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी जाती है. UG लेवल पर B.Sc और PG लेवल पर M.Sc या M.Tech की डिग्री ली जाती है.
टॉप कॉलेज और कोर्स
IIT रुड़की में अर्थक्वेक इंजीनियरिंग, IIT बॉम्बे और IIT खड़गपुर में जियोलॉजी और जियोफिजिक्स, IIT गांधीनगर में डिजास्टर मैनेजमेंट जैसे खास कोर्स चलते हैं. इसके अलावा IISc बैंगलोर, NGRI हैदराबाद, वाडिया इंस्टीट्यूट देहरादून, TIFR मुंबई और दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों में भी ये पढ़ाई की जा सकती है.
एडमिशन कैसे लें?
12वीं के बाद PCM या PCB स्ट्रीम के छात्र B.Sc कर सकते हैं. PG के लिए GATE, JAM या यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट देना होता है. रिसर्च और PHD के लिए UGC-NET या CSIR-NET जरूरी होता है. IGNOU जैसे संस्थान डिजास्टर मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स भी ऑफर करते हैं.
करियर और सैलरी कितनी मिलती है?
सरकारी सेक्टर में शुरुआती सैलरी 40,000 से 60,000 रुपये प्रति महीना होती है, जबकि प्राइवेट में 30,000 से 50,000 रुपये मिलते हैं. कुछ साल के अनुभव के बाद सैलरी 1 लाख रुपये महीना तक पहुंच सकती है. इंटरनेशनल लेवल पर डिजास्टर कंसल्टेंट की सैलरी 3 लाख रुपये प्रति महीना तक हो सकती है.
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