जोमैटो ने अपने कस्टमर सपोर्ट ऑपरेशन में बड़ा बदलाव किया है. हैदराबाद सेंटर बंद होने से करीब 250 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं. कंपनी अब गुरुग्राम मुख्यालय से इन-हाउस सपोर्ट को चलाने और बाहरी सर्विस प्रोवाइडर्स की मदद बढ़ाने की तैयारी में है.
रिपोर्ट के मुताबिक, जोमैटो ने अपने कस्टमर सपोर्ट मॉडल की समीक्षा के बाद हैदराबाद सेंटर बंद करने का फैसला लिया. प्रभावित कर्मचारियों को सोमवार को इसकी जानकारी दी गई. कंपनी अब सपोर्ट टीम को गुरुग्राम स्थित मुख्यालय के करीब लाने पर जोर दे रही है, ताकि प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी और बिजनेस टीमों के साथ बेहतर तालमेल बनाया जा सके. नौकरी गंवाने वाले कर्मचारियों को अगस्त की पूरी सैलरी के साथ चार महीने की रकम, नोटिस पे और एकमुश्त एक्स-ग्रेशिया देने की बात सामने आई है.
जोमैटो कस्टमर सपोर्ट के कई काम बाहरी सर्विस प्रोवाइडर्स को सौंप रहा है. इसके पीछे सपोर्ट सिस्टम को ज्यादा केंद्रीकृत और लागत के हिसाब से बेहतर बनाना एक वजह माना जा रहा है. इस बदलाव का असर सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि ग्राहक अनुभव पर भी नजर रहेगी. इससे पहले अप्रैल 2025 में कंपनी ने करीब 500 जूनियर कर्मचारियों की छंटनी की थी. उपभोक्ता इंटरनेट सेक्टर में भी कंपनियां AI और ऑटोमेशन के कारण इन-हाउस सपोर्ट टीमों का आकार घटा रही हैं.
इस बीच जोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल का नया वियरेबल डिवाइस Temple भी चर्चा में है. गोयल के अनुसार, इसका नया मॉडल पहले दिखाए गए मॉडल से आधे से भी छोटा है. उन्होंने बताया कि लिमिटेड लॉन्च एडिशन के प्री-ऑर्डर जल्द शुरू हो सकते हैं और 2026 के अंत से पहले इसकी शिपिंग की योजना है. एक तरफ जोमैटो अपने सपोर्ट ऑपरेशन को बदल रहा है, वहीं गोयल नए टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट को लॉन्च करने की तैयारी में हैं.