क्या इजरायल के हमले में तबाह हो गया ईरान स्थित अडाणी का हाइफा पोर्ट? जानें सच्चाई
अडाणी पोर्ट्स की हाइफा बंदरगाह में 70% हिस्सेदारी है. इस तरह की खबरें हैं कि इजरायल के हमले में हाइफा पोर्ट को भारी नुकसान हुआ है. आइए जानते हैं क्या है इसका सच?
भारतीय अरबपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाले समूह द्वारा संचालित इज़रायल के हाइफा बंदरगाह पर शनिवार देर रात हुए ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले का कोई प्रभाव नहीं पड़ा. सूत्रों के अनुसार, बंदरगाह और पास की तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया था, लेकिन अडानी के बंदरगाह को कोई नुकसान नहीं हुआ. हमले में रासायनिक टर्मिनल पर मलबे के टुकड़े और तेल रिफाइनरी पर कुछ प्रोजेक्टाइल गिरे, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ. एक सूत्र ने बताया, “बंदरगाह में अभी आठ जहाज हैं, कार्गो संचालन सामान्य है.”
हमले के बावजूद संचालन निर्बाध
सूत्रों ने बताया कि किशन वेस्ट (हाइफा बंदरगाह) पर एक इंटरसेप्टर का मलबा मिला, लेकिन इससे कोई चोट नहीं पहुंची. अडानी पोर्ट्स, जो हाइफा बंदरगाह में 70% हिस्सेदारी रखता है, के संचालन पर हमले का कोई असर नहीं पड़ा. यह बंदरगाह इज़रायल के 30% से अधिक आयात को संभालता है. अडानी समूह और इज़रायली सरकारी अधिकारियों ने इस मुद्दे पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की. हालांकि, पास की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचने की संभावना है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई.
मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव
यह हमला इज़रायल के शुक्रवार को ईरान के परमाणु, मिसाइल और सैन्य ठिकानों पर हमले के जवाब में हुआ. रविवार को दोनों देशों ने तीसरे दिन भी हमले किए, जिससे मध्य पूर्व में लंबे संघर्ष की आशंका बढ़ गई. ईरान ने दावा किया कि इज़रायल ने दो तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया, जिससे वैश्विक बाजार प्रभावित हो सकते हैं. कुछ ईरानी मिसाइलें इज़रायल की वायु रक्षा को चकमा देकर इमारतों पर गिरीं.
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अडानी पोर्ट्स का महत्व
हाइफा बंदरगाह अडानी पोर्ट्स और एसईजेड के कुल कार्गो का केवल 2% हिस्सा है, जो 10.57 मिलियन टन कार्गो संभालता है, और यह समूह की आय का लगभग 5% योगदान देता है.