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Trump tariff on India: ट्रंप किन तीन वस्तुओं पर नहीं फोड़ेंगे 50 फीसदी'टैरिफ बम', जानें क्या है 'मेहरबानी' की वजह?

जिन उत्पादों को 50% अमेरिकी टैरिफ से छूट दी गई है, उनमें लोहा और इस्पात, एल्युमीनियम और तांबे से बनी वस्तुएं, साथ ही यात्री वाहन, हल्के ट्रक और ऑटो कंपोनेंट शामिल हैं. भारत के फार्मा क्षेत्र के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स (चिप्स, मोबाइल फोन और टैबलेट) को भी छूट दी गई है.

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Gyanendra Sharma

Trump tariff on India: अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लागू होने से एक दिन पहले ही इसकी अधिसूचना जारी कर दी है. लेकिन कुछ वस्तुओं पर कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है.

होमलैंड सुरक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है, 6 अगस्त 2025 के राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेश को प्रभावी करने के लिए होमलैंड सुरक्षा सचिव ने निर्धारित किया है कि इस नोटिस में निर्धारित संयुक्त राज्य अमेरिका के सामंजस्यपूर्ण टैरिफ अनुसूची को संशोधित करने के लिए उचित कार्रवाई की आवश्यकता है.

जिन उत्पादों को 50% अमेरिकी टैरिफ से छूट दी गई है, उनमें लोहा और इस्पात, एल्युमीनियम और तांबे से बनी वस्तुएं, साथ ही यात्री वाहन, हल्के ट्रक और ऑटो कंपोनेंट शामिल हैं. भारत के फार्मा क्षेत्र के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स (चिप्स, मोबाइल फोन और टैबलेट) को भी छूट दी गई है.

ट्रंप के व्यापारिक हमले से भारत सबसे ज़्यादा प्रभावित होने वाले देशों में शामिल हो सकता है, क्योंकि बुधवार को भारतीय आयातों पर टैरिफ बढ़कर 50% हो जाएगा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसके पीछे भारत के रूस के साथ कच्चे तेल के व्यापार को वजह बताया है, जो यूक्रेन में "युद्ध मशीन को बढ़ावा" दे रहा है.

भारतीय तेल निगम लिमिटेड और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के नेतृत्व में भारतीय रिफाइनरियां रूसी कच्चे तेल की खरीद पर अंकुश लगा सकती हैं, लेकिन इसे पूरी तरह से बंद नहीं करेंगी. इससे यह संकेत मिलता है कि नई दिल्ली की मास्को के साथ संबंध तोड़ने की कोई योजना नहीं है.

छूट के लिए ये हैं शर्तें

  • उन्हें लोडिंग बंदरगाह पर एक जहाज पर लादा गया और 27 अगस्त 2025 को 12:01 पूर्वाह्न ईएसटी से पहले अमेरिका में प्रवेश करने से पहले अंतिम ट्रांजिट मोड पर ले जाया गया.
  • इन्हें 17 सितम्बर 2025 को 12:01 पूर्वाह्न ईएसटी से पहले उपभोग के लिए प्रवेश कराया जाता है, या गोदाम से उपभोग के लिए निकाला जाता है.
  • भारत को अमेरिकी कस्टम (CBP) के सामने यह प्रमाणित करना होगा कि माल इन-ट्रांजिट छूट के तहत आता है. इसके लिए उन्हें नए कोड HTSUS heading 9903.01.85 का उपयोग करके डिक्लेयर करना होगा.