Stock Market Rise: शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल, सेंसेक्स पहली बार 81 हजार के पार

Stock Market: सेंसेक्स की 30 कंपनियों में अदाणी पोर्ट्स के शेयर में लगभग 5% की बढ़ोतरी हुई. इसके अलावा, मारुति, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इटर्नल और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी लाभ में रहे.

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Ritu Sharma

Stock Market Rise: शुक्रवार को घरेलू शेयर बाजारों में जोरदार तेजी देखने को मिली. निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल के चलते बीएसई सेंसेक्स 816.41 अंक चढ़कर 81,064.47 के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 222.30 अंकों की तेजी के साथ 24,556.50 पर बंद हुआ.

तेजी के पीछे ये बड़े कारण

शेयर बाजार की इस तेजी के पीछे कई अहम वजहें रहीं-

  • भारत और अमेरिका के संभावित व्यापार समझौते को लेकर बाजार में आशावाद
  • अप्रैल में रिकॉर्ड 2.37 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह
  • विदेशी पूंजी का निरंतर प्रवाह
  • ग्लोबल बाजारों का मजबूत रुख

इन सबके चलते निवेशकों में भरोसा मजबूत हुआ और खरीदारी का रुख देखा गया.

अदाणी पोर्ट्स और बैंकिंग शेयरों में भारी खरीदारी

  • सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से कई ने शानदार प्रदर्शन किया.
  • अदाणी पोर्ट्स के शेयरों में करीब 5% की बढ़त देखने को मिली. इसके अलावा मारुति, इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, इटर्नल और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयरों में भी अच्छी तेजी रही.

हालांकि, कुछ कंपनियों के शेयर दबाव में भी रहे. नेस्ले, टाइटन, बजाज फिनसर्व और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में गिरावट देखी गई.

ग्लोबल बाजारों से मिला समर्थन

  • एशियाई बाजारों की बात करें तो जापान का निक्केई 225, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग हरे निशान में बंद हुए. हालांकि, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ.
  • अमेरिकी बाजार भी बृहस्पतिवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे, जिससे भारतीय बाजार को भी सपोर्ट मिला.

विदेशी निवेशकों की जोरदार खरीदारी

  • बाजार में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) का भी जबरदस्त योगदान रहा.
  • शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को एफआईआई ने शुद्ध रूप से 50.57 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. यह दर्शाता है कि विदेशी निवेशक भारत की अर्थव्यवस्था और बाजार में भरोसा दिखा रहे हैं.

जीएसटी कलेक्शन ने भी बढ़ाया बाजार का मूड

बता दें कि सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में जीएसटी संग्रह 12.6% की वृद्धि के साथ अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा है. ये आंकड़े बताते हैं कि आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं और कंपनियों का खाता-बही मार्च में जमकर क्लियर किया गया है.