'मैं फिर से कमाऊंगा', अर्श से फर्श पर पहुंचे सुभाष चंद्रा के हौसले बुलंद, बताया आगे का प्लान

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने कहा कि उन्होंने कर्ज चुकाने के लिए निजी संपत्तियां बेच दीं. अब वह स्विट्जरलैंड में काम करके फिर से करियर की शुरुआत करेंगे.

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Sagar Bhardwaj

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने अपनी व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि 2019 के संकट के बाद ग्रुप ने कुल 45,000 करोड़ रुपए में से लगभग 43,000 करोड़ रुपए का कर्ज चुका दिया है. उन्होंने बताया कि देनदारियों को पूरा करने के लिए उन्होंने और उनके परिवार ने अपना निजी घर और अन्य संपत्तियां तक बेच दी हैं. चंद्रा ने कहा कि अब उनके पास मात्र 6.5 करोड़ और एक छोटा मकान ही बचा है.

22,000 करोड़ के निजी कर्ज के दावों को नकारा

सुभाष चंद्रा ने एनसीएलटी (NCLT) में अपने खिलाफ दर्ज 22,000 करोड़ रुपए के दावों पर सफाई दी. उन्होंने कहा कि यह राशि उनका व्यक्तिगत कर्ज नहीं है, बल्कि कंपनियों के लिए दी गई पर्सनल गारंटी का हिस्सा है. एनसीएलटी द्वारा स्वीकृत रिजॉल्यूशन प्लान के तहत उन्हें 22,006 करोड़ रुपए के दावों के बदले 6.5 करोड़ रुपए का भुगतान करना है. हालांकि, बैंकों ने इतनी कम रिकवरी (0.03%) पर आपत्ति जताई है.

निर्दलीय ऑडिट कराने की अपील की

अपनी स्थिति साफ करने के लिए चंद्रा ने वित्त मंत्रालय और बैंकिंग अधिकारियों से स्वतंत्र ऑडिट (Independent Audit) कराने की अपील की है. उन्होंने कहा कि ऑडिट से यह साफ हो जाएगा कि डिफ़ॉल्ट के समय कितना कर्ज था और अब तक कितना चुकाया जा चुका है. उन्होंने खुद की तुलना देश छोड़कर भागने वाले अन्य कारोबारियों से किए जाने को गलत ठहराया और कहा कि उन्होंने कभी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ा.


'फिर से कमाऊंगा, स्विट्जरलैंड में करियर का प्लान'

बिजनेस एम्पायर के पतन के बावजूद सुभाष चंद्रा का हौसला कायम है. उन्होंने कहा, 'मैं फिर से कमाऊंगा, मैं एक पायनियर (अग्रणी) हूं.' चंद्रा ने बताया कि वह स्विट्जरलैंड में अपने एक मित्र के साथ इन्वेस्टमेंट सेक्टर में काम करने की योजना बना रहे हैं. इसके अलावा वह परिवार से 2-4 करोड़ रुपए उधार लेकर स्टार्टअप्स में निवेश करने पर भी विचार कर रहे हैं.