सेंसेक्स 300 अंक उछला, निफ्टी ने 23200 का स्तर किया पार; बाजार में बड़ी तेजी का दौर शुरू?
घरेलू निवेशकों के मजबूत भरोसे के कारण मंगलवार को शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के बावजूद सेंसेक्स 73800 और निफ्टी 23200 के पार निकलकर हरे निशान पर कारोबार करते दिखे.
मुंबई: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई. दुनिया भर के बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बावजूद घरेलू निवेशकों के अच्छे भरोसे के दम पर दोनों मुख्य इंडेक्स बढ़त के साथ खुले और शुरुआती कारोबार में हरे निशान पर बने रहे.
शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स एक समय 74000 के स्तर को भी पार कर गया था जिसके बाद यह पिछले बंद से करीब 300 अंकों की तेजी के साथ 73832 के आसपास कारोबार करता दिखा. वहीं दूसरी ओर निफ्टी 50 भी निवेशकों की नई खरीदारी के चलते एक बार फिर 23200 के महत्वपूर्ण स्तर के पार पहुंच गया.
बाजार में यह तेजी सिर्फ बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं थी बल्कि छोटे और मझोले शेयरों का प्रदर्शन तो मुख्य इंडेक्स से भी बेहतर रहा. शुरुआती कारोबार में निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 दोनों में 1 फीसदी से ज्यादा का उछाल देखा गया है. इससे साफ पता चलता है कि बाजार के हर हिस्से में निवेशकों का हौसला मजबूत है.
चढ़ने और गिरने वाले सेक्टर्स व शेयर्स
शानदार प्रदर्शन करने वाले शेयर- निफ्टी 50 कंपनियों में आज ट्रेंट(Trent), इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) और ग्रासिम इंडस्ट्रीज (Grasim Industries) के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी गई जिससे बाजार को ऊपर चढ़ने में बड़ी मदद मिली. आज सबसे ज्यादा मुनाफा रियल एस्टेट (Realty), फाइनेंशियल सर्विसेज और बैंकिंग सेक्टर में देखा गया. इनमें भी निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे आगे रहा.
कमजोरी वाले सेक्टर्स- दूसरी तरफ आईटी सेक्टर में थोड़ी बिकवाली देखी गई जिससे यह शुरुआती कारोबार में सबसे कमजोर सेक्टर साबित हुआ.
ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेत
दुनिया भर के बाजारों से आए सकारात्मक रुख ने भी भारतीय निवेशकों का जोश बढ़ाया है.
अमेरिकी बाजार- पिछले सत्र में अमेरिकी शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुए थे जहां एसएंडपी 500 और नैस्डैक दोनों बढ़त बनाने में कामयाब रहे. अमेरिकी बाजार की इस तेजी का असर अक्सर भारतीय बाजारों पर भी दिखता है.
एशियाई बाजार- एशिया के अन्य बाजारों में भी मजबूती रही. जापान का निक्केई सूचकांक अच्छे मुनाफे में रहा जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी पुरानी गिरावट से उबरकर तेजी से ऊपर भागा.
जिओ-पॉलिटिकल हालात और कच्चे तेल का असर
मिडिल ईस्ट के हालातों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है. खबरों के अनुसार ईरान ने इजरायल पर अपने सैन्य हमलों को कुछ समय के लिए रोक दिया है. हालांकि उसने यह चेतावनी भी दी है कि अगर दोबारा तनाव बढ़ा तो वह सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है.
इस बीच युद्ध का खतरा थोड़ा टलने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल विदेशों से खरीदता है इसलिए कच्चे तेल का सस्ता होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए हमेशा एक अच्छी खबर होती है. विदेशी निवेशक बेच रहे हैं, तो देसी निवेशक बचा रहे हैं
बाजार में इस समय दो अलग-अलग ट्रेंड देखने को मिल रहे हैं.
विदेशी संस्थागत निवेशक- विदेशी निवेशक लगातार नौवें दिन भारतीय बाजार में बिकवाली करते नजर आए. उन्होंने कैश मार्केट में हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेचे और इंडेक्स फ्यूचर्स में भी अपनी पोजीशन कम की.
घरेलू संस्थागत निवेशक: विदेशी निवेशकों की इस बिकवाली को भारतीय संस्थागत निवेशकों ने बखूबी संभाला है. भारतीय निवेशक लगातार 15वें सत्र में शुद्ध खरीदार रहे. उनकी इस लगातार खरीदारी ने बाजार को गिरने से बचा लिया.
इसके अलावा पिछले सत्र में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया थोड़ा कमजोर हुआ जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मामूली बढ़त देखी गई. कुल मिलाकर तमाम वैश्विक चुनौतियों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बाद भी भारतीय निवेशकों के दम पर शेयर बाजार का माहौल सकारात्मक बना हुआ है.