लगातार तीसरे दिन धराशायी हुआ शेयर बाजार, निफ्टी 2% गिरा, जानें बाजार में गिरावट के 7 बड़े कारण
इस हफ्ते अब तक सेंसेक्स करीब 4.5 प्रतिशत और निफ्टी करीब 4.8 प्रतिशत गिर चुके हैं. मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशक 39,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं.
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन भारी गिरावट देखने को मिली. कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 1,450 अंक टूट गया, जबकि निफ्टी लगभग 2 प्रतिशत नीचे आ गया. दोपहर करीब 3 बजे सेंसेक्स 74,596 के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 23,162 के स्तर पर आ गया. बाजार में ज्यादातर शेयरों में बिकवाली देखने को मिली. लगभग 743 शेयरों में तेजी रही, जबकि 3,000 से ज्यादा शेयर गिरावट में रहे. इस हफ्ते अब तक सेंसेक्स करीब 4.5 प्रतिशत और निफ्टी करीब 4.8 प्रतिशत गिर चुके हैं. शेयर बाजार में गिरावट के 7 बड़े कारण.....
1. कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा तेल अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव डालता है.
2. वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत
एशिया और अमेरिका के शेयर बाजार भी दबाव में हैं. अमेरिका में प्रमुख सूचकांक में बड़ी गिरावट दर्ज हुई, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और उसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा.
3. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. गुरुवार को ही उन्होंने करीब 7,000 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए. मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशक 39,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं.
4. रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
भारतीय रुपया भी कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 92.37 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया. कमजोर रुपया आयात को महंगा बना देता है, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ता है.
5. अमेरिकी फेड की नीति पर नजर
निवेशक अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की बैठक का इंतजार कर रहे हैं. अगर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं तो इसका असर शेयर बाजारों पर पड़ सकता है.
6. बैंक और ऑटो शेयरों में दबाव
बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में भारी बिकवाली देखी गई. कई सरकारी और निजी बैंकों के शेयर 2 से 3 प्रतिशत तक गिर गए. ऑटो कंपनियों पर भी कच्चे तेल की कीमतों का असर पड़ा.
7. बाजार में डर का माहौल
बाजार का वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) भी करीब 6 प्रतिशत बढ़ गया, जो यह दिखाता है कि निवेशकों के बीच अनिश्चितता और डर बढ़ रहा है.