शेयर बाजार हुआ क्रैश, निफ्टी 306 अंक साफ, निवेशकों के करोड़ों स्वाहा

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता के एक बार फिर से बेनतीजा होने की वजह से बाजार में जबरदस्त गिरावट देखी गई.

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Sagar Bhardwaj

दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को खुले शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली. शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1,061 और निफ्टी 306 अंक की गिरावट के साथ बंद हुए. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता के एक बार फिर से बेनतीजा होने की वजह से बाजार में जबरदस्त गिरावट देखी गई.

सभी 16 प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांक लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. व्यापक बाजारों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया. निफ्टी स्मापकैप100 1.9 प्रतिशत, निफ्टी मिडकैप100 0.93 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुए. शेयरों की बात करें तो कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच ऑयल मार्केटिंग कंपनियों इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल में करीब 2.6 प्रतिशत की गिरावट देखी गई.

ट्रैवल संबंधी कंपनियों के शेयरों में भी दबाव देखने को मिला. इंडियन होटल्स, लेमन ट्री होटल्स, शैलेट होटल्स, थॉमस कुक और यात्रा के शेयरों में 1.2 से 5.3 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली. जबकि इंडिगो का शेयर 4 प्रतिशत लुढ़क गया.

ज्वैलरी शेयरों में जबरदस्त गिरावट

पीएम मोदी के एक ऐलान के बाद ज्वैलरी स्टॉक्स धड़ाम हो गए. टाइटन, सेन्को गोल्ड, कल्याण ज्वैलर्स में 7.6 से 11 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली.

बता दें कि रविवार शाम को पीएम मोदी ने हैदराबाद में एक रैली के दौरान पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर एक साल तक सोना ना खरीदने और पेट्रोल, डीजल और गैस का इस्तेमाल संयम के साथ इस्तेमाल करने की अपील की थी.

आखिर क्यों गिरा बाजार

1. तेल के दामों में तेजी: वैश्विक तेल मानक  ब्रेंट क्रूड 4.32 प्रतिशत बढ़कर 105.7 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल काम कर रहा था. अमेरिका के नवीनतम शांति प्रस्ताव ईरान द्वारा दी गई प्रतिक्रिया को ट्रंप द्वारा पूरी तरह से अस्वीकार्य बताने के बाद तेल के दामों में तेजी देखने को मिली.

2. वैश्विक बाजार में कमजोरी के संकेत: जापान के निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक निचले स्तर पर कारोबार कर रहे थे, जबकि अमेरिकी बाजार ने वॉल स्ट्रीट के लिए कमजोर शुरुआत के संकेत दिए.

3. रुपए में भारी गिरावट: शुरुआती कारोबार में रुपया दबाव में आ गया और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 139 पैसे गिरकर 94.90 पर आ गया. विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, मजबूत अमेरिकी डॉलर और विदेशी निधियों की निरंतर निकासी ने घरेलू मुद्रा पर दबाव डाला.

4. FIIs की लगातार बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) ने शुक्रवार को  भारतीय बाजारों से 4,110.60 करोड़ रुपए की निकासी की. FIIs की लगातार बिकवाली से घरेलू बाजारों पर असर पड़ता है क्योंकि इससे पूंजी बाहर जाती है और निवेशकों का मनोबल कमजोर होता है.

5. पश्चिम एशिया संकट के बीच पीएम मोदी की अपील: पश्चिम एशिया में लंगे समय से जारी संकट के बीच ईंधन के इस्तेमाल और सोने को लेकर जनता से किए गए आह्वान ने भी बाजार पर दबाव डाला. पीएम ने पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण पेट्रोल और उर्वरकों की कीमतों में हुई वृद्धि का हवाला देते हुए पीएम ने कहा, 'हमें हर हाल में विदेशी मुद्रा बचानी होगी.'