ईरान तनाव के बीच भी शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 700 अंक उछला
बुधवार को शेयर बाजार में भारी तेजी रही. सेंसेक्स 681 अंक चढ़कर 74,600 और निफ्टी 23,420 के पार पहुंच गया. कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में होने से मिडिल ईस्ट के तनाव का असर कम दिखा.
मुंबई: बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार रौनक देखने को मिली और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों ही मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए. हालांकि निवेशक ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को लेकर थोड़े सतर्क जरूर दिखे लेकिन बैंकिंग और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में आई तेजी ने बाजार का मूड बना दिया और बाजार ऊपर की ओर निकल गया.
बाजार का हाल और मुख्य इंडेक्स
दोपहर करीब 1:05 बजे तक बीएसई का सेंसेक्स लगभग 681 अंक (0.9%) की छलांग लगाकर 74,600 के स्तर पर पहुंच गया है. वहीं एनएसई का निफ्टी भी 178 अंकों (0.8%) की बढ़त के साथ 23,420 के आसपास कारोबार कर रहा था. हालांकि बड़े बाजार में थोड़ी कमजोरी दिखी क्योंकि बढ़ने वाले शेयरों के मुकाबले गिरने वाले शेयरों की संख्या ज्यादा रही.
इन शेयरों ने बाजार को दिया सहारा
इस बड़ी तेजी के पीछे सबसे बड़ा हाथ रिलायंस इंडस्ट्रीज का रहा जिसके शेयर 2% से ज्यादा चढ़ गए. इसके अलावा एफएमसीजी कंपनियों ने भी बाजार को पूरा सपोर्ट दिया. हिंदुस्तान यूनिलीवर और नेस्ले इंडिया के शेयर करीब 2.7% तक उछले जबकि टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में भी 1.9% की तेजी आई. बैंकिंग सेक्टर ने भी बाजार को मजबूत किया जहां आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा बजाज ऑटो, अपोलो हॉस्पिटल्स, एशियन पेंट्स और टीसीएस जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखी गई.
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किस सेक्टर का क्या रहा हाल?
सेक्टर के हिसाब से देखें तो एफएमसीजी सबसे आगे रहा और इसमें 1.7% से ज्यादा की तेजी आई. प्राइवेट और सरकारी, दोनों तरह के बैंकों में मजबूती बनी रही. आईटी, फार्मा, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑयल एंड गैस सेक्टर ने भी बाजार को ऊपर ले जाने में मदद की. दूसरी तरफ, मेटल और मीडिया शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखा जिससे निफ्टी मेटल इंडेक्स 1% से ज्यादा टूट गया. निफ्टी पर सबसे ज्यादा नुकसान हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (3% से ज्यादा की गिरावट) को हुआ जबकि इंफोसिस का शेयर एक्स-डिविडेंड होने की वजह से नीचे आ गया.
मिडिल ईस्ट का असर क्यों रहा कम?
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बावजूद भारतीय निवेशक ज्यादा परेशान नहीं दिखे क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें काबू में रहीं. ब्रेंट क्रूड अभी भी 93 डॉलर प्रति बैरल से नीचे बना हुआ है जिससे महंगे ईंधन की चिंता कम हुई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी के लिए 23100 का स्तर एक मजबूत सपोर्ट है और जब तक बाजार इसके ऊपर है यह 23500 की तरफ बढ़ सकता है. हालांकि डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया आज 19 पैसे कमजोर होकर 95.54 पर खुला.