Sensex 800 अंक उछला, Nifty 24,200 के करीब! जानिए शेयर बाजार में आज क्यों आई तूफानी तेजी
TCS के बेहतरीन नतीजों से IT शेयरों में भारी खरीदारी हुई, जिससे सेंसेक्स 800 अंक और निफ्टी 24,200 के करीब पहुंच गया. कच्चे तेल की गिरती कीमतों, रुपये की मजबूती और सकारात्मक वैश्विक संकेतों ने भी बाजार को बूस्ट दिया.
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी गई. सेंसेक्स करीब 800 अंक मजबूत हुआ, वहीं निफ्टी भी 24,200 के स्तर के बेहद पास पहुंच गया. इस बड़ी बढ़त की मुख्य वजह आईटी क्षेत्र के शेयरों में आई जोरदार खरीदारी रही, जिसकी शुरुआत टीसीएस (TCS) के शानदार तिमाही नतीजों से हुई. इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजारों से मिले अच्छे संकेतों ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया.
दोपहर करीब 1 बजे, सेंसेक्स 773 अंकों की बढ़त के साथ 77,515 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 234 अंक चढ़कर 24,197 पर पहुंच गया था. बाजार के ज्यादातर सेक्टर्स में तेजी का माहौल रहा, जिसमें निफ्टी आईटी इंडेक्स सबसे आगे रहा. इसके साथ ही स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई.
बाजार में आई इस तेजी के 6 मुख्य कारण
1. आईटी सेक्टर में जबरदस्त खरीदारी
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) द्वारा जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन करने के बाद आईटी सेक्टर के शेयरों को बड़ा सहारा मिला. कंपनी का शुद्ध मुनाफा 4.61% बढ़कर 13,349 करोड़ रुपये रहा. कंपनी ने यह भी संकेत दिए कि पश्चिम एशिया के तनाव के कारण जो मांग सुस्त पड़ गई थी, उसमें चालू तिमाही से सुधार आने की उम्मीद है. इन नतीजों के बाद टीसीएस के शेयर 3% से ज्यादा उछल गए, जिससे पूरे आईटी सेक्टर में रौनक आ गई. कई ब्रोकरेज हाउस भी इस शेयर को लेकर सकारात्मक हैं और आने वाले समय में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद कर रहे हैं.
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2. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत से राहत
वैश्विक स्तर पर निवेशकों का मूड तब सुधरा, जब अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि हालिया भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद ईरान के साथ उनकी बातचीत जारी है. इस कूटनीतिक प्रयास से मिडिल ईस्ट में बड़ा विवाद टलने की उम्मीद जगी, जिससे घबराए निवेशकों ने दोबारा बाजार में खरीदारी शुरू कर दी.
3. दुनिया भर के बाजारों में मजबूती
भारतीय शेयर बाजार को एशियाई बाजारों की तेजी से भी काफी सहारा मिला. दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई, चीन का शंघाई कंपोजिट और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग, सभी प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए. इससे एक दिन पहले अमेरिकी शेयर बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुए थे. बाजार जानकारों का कहना है कि दुनिया भर के निवेशक मौजूदा तनावों के बीच भी हौसला दिखा रहे हैं, हालांकि उन्होंने अभी भी थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी है.
4. कच्चे तेल के दामों में गिरावट
अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आने की वजह से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत गिरकर करीब 76.55 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई. चूंकि भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल का सस्ता होना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बेहद फायदेमंद है. इससे देश का आयात बिल घटता है, महंगाई पर लगाम लगती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.
5. भारतीय रुपये में मजबूती
घरेलू शेयर बाजार में आई इस शानदार तेजी के दम पर भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मजबूत होकर 95.32 के स्तर पर पहुंच गया. हालांकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक तनाव के कारण रुपये पर थोड़ा दबाव जरूर था, लेकिन भारतीय बाजार की मजबूती ने इसे संभाल लिया.
6. इंडिया विक्स में कमी
बाजार में उतार-चढ़ाव और जोखिम को मापने वाला इंडेक्स 'India VIX' लगभग 6% गिरकर 12.63 पर आ गया. इस इंडेक्स के नीचे आने का सीधा मतलब है कि निवेशक अब आने वाले दिनों में बाजार में कम उतार-चढ़ाव की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे उनका भरोसा बढ़ा है और बाजार में भागीदारी भी तेज हुई है.