मुंबई: सोमवार सुबह शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की. पिछले सप्ताह के उतार-चढ़ाव के बाद निवेशक राहत की सांस ले रहे हैं. सुबह 10 बजे सेंसेक्स 586 अंक या 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,250 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 176 अंक ऊपर 24,074 के पार कारोबार कर रहा था. ईरान के शांति प्रस्ताव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सकारात्मक बयानों ने बाजार का मूड पूरी तरह बदल दिया. वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों ने भी इस तेजी को बल दिया.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची रविवार को तीन दिनों में दूसरी बार पाकिस्तान पहुंचे. अमेरिका के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी, लेकिन ईरान के नए प्रस्ताव ने डी-एस्केलेशन की उम्मीद जगाई है. ट्रंप ने रविवार को कहा कि ईरान संघर्ष बहुत जल्द खत्म हो सकता है और बातचीत के लिए वे तैयार हैं. इन खबरों ने घरेलू बाजार को मजबूती प्रदान की.
एशियाई बाजारों में भी तेजी का रुख रहा. टोक्यो का निक्केई 225 सूचकांक 1.4 प्रतिशत बढ़कर 60,564 के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया. दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.1 प्रतिशत ऊपर 6,617 पर रहा. शंघाई कंपोजिट 0.2 प्रतिशत बढ़ा, जबकि ताइवान का ताइएक्स 2.6 प्रतिशत चढ़ा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बूम से टेक शेयरों में खरीदारी लौट आई, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर पड़ा.
भय का सूचकांक भारत VIX लगभग 5 प्रतिशत गिरकर 19 के स्तर पर आ गया. अनिश्चितता कम होने से बाजार में स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं. कम वोलेटिलिटी से निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ा है. इससे पहले शुक्रवार को गैप डाउन ओपनिंग के कारण बुलिश स्ट्रक्चर कमजोर हुआ था, लेकिन अब रिकवरी की उम्मीद जगी है.
जियोजिट इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स ने कहा कि शुक्रवार की गैप डाउन ओपनिंग ने बुलिश स्ट्रक्चर को काफी कमजोर किया था, जिससे 23,500 तक गिरावट का रिस्क बन गया था. हालांकि 13 अप्रैल से महीने के उच्चतम स्तर तक के उछाल का 68 प्रतिशत रिट्रेसमेंट हो चुका है, इसलिए मीन रिवर्सन अपस्विंग संभव है. उन्होंने कहा कि 24,140 के ऊपर ब्रेकआउट के बिना 25,000-25,600 तक जाने की संभावना पर विचार करना जल्दबाजी होगी.