मुंबई: नये वर्ष की शुरुआत में ही भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआती बढ़त को गंवा कर नकारात्मक क्षेत्र में कारोबार किया. विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली, थिन मार्केट इक्विडिटी, मुनाफाखोरी, और रुपये में कमजोरी ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया. निवेशकों में सतर्कता देखी गई, जबकि कुछ सेक्टर्स में चुनिंदा खरीदारी जारी रही. इस स्थिति ने शुरुआती कारोबारी दिन को अस्थिर बना दिया.
सेंसेक्स ने दिन की उच्चतम स्थिति से 200 अंकों की गिरावट दर्ज की और निफ्टी 26,150 से नीचे कारोबार कर रहा था. सुबह 11:44 बजे सेंसेक्स 34.99 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 85,255.59 पर था, जबकि निफ्टी 16.15 अंकों की हल्की तेजी के साथ 26,145.75 पर. इस दौरान लगभग 1,962 शेयर बढ़त में, 1,564 शेयर गिरावट में और 166 शेयर स्थिर रहे.
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को 3,597.38 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जो सातवें लगातार सत्र में बिकवाली का संकेत है. दिसंबर 2025 में FIIs कुल 34,349.62 करोड़ रुपये के नेट विक्रेता रहे. इस बिकवाली ने शुरुआती कारोबारी दिन में दबाव बनाए रखा.
नए साल की छुट्टियों के कारण अमेरिका, यूरोप और एशिया के अधिकांश प्रमुख बाजार बंद रहे, जिससे वैश्विक तरलता सीमित रही. निवेशक सतर्क रहे और कई क्षेत्रों में मुनाफाखोरी हुई. विशेष रूप से एफएमसीजी और फार्मा शेयरों में दबाव देखा गया. सिगरेट कंपनियों पर नई उत्पाद शुल्क बढ़ने के बाद ITC और Godfrey Phillips के शेयरों में गिरावट आई.
गुरुवार को 2026 के पहले साप्ताहिक डेरिवेटिव्स का समापन हुआ. एक्सपायरी के दिन अक्सर तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं क्योंकि व्यापारी अपनी पोजीशन बंद या रॉल ओवर करते हैं. साथ ही रुपये में 11 पैसे की गिरावट दर्ज की गई और यह 89.99 प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा था. रुपये की कमजोरी ने बाजार की निगेटिव नेचर को और बढ़ा दिया.
विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी ने 26,027 स्तर पार कर शुरुआत में तेजी दिखाई, लेकिन सुबह की गिरावट ने निवेशकों को सतर्क किया. तकनीकी विश्लेषक बताते हैं कि 26,100 के आसपास समर्थन स्तर देखा जा रहा है और यदि यह टूटता है तो आगे निफ्टी में और गिरावट हो सकती है. हालांकि, कुछ चुनिंदा खरीदारी के अवसर भी बने रहेंगे, जिससे बाजार में सीमित सुधार की संभावना है.