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मंहगाई में आई कमी तो भागे मेटल स्टॉक्स, SAIL से लेकर टाटा स्टील के शेयरों में तूफानी तेजी

Share Market: अप्रैल माह में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 3.16% पर आ गई है. यह गिरावट भारतीय रिजर्व बैंक को ब्याज दरों में कटौती की ओर एक और कदम बढ़ाने का मौका दे सकती है.

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Gyanendra Tiwari

Share Market: 14 मई को भारतीय शेयर बाजार में धातु क्षेत्र के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. इसकी प्रमुख वजह भारत और अमेरिका में खुदरा मुद्रास्फीति में आई नरमी रही. इसके साथ ही अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव में कमी आने से भी बाजार में सकारात्मक भाव बना.

निफ्टी मेटल इंडेक्स उस दिन 2.7% की बढ़त के साथ सबसे बड़ा सेक्टोरल गेनर रहा. वहीं, रियल एस्टेट सेक्टर, जो बड़ी मात्रा में धातुओं का उपयोग करता है, उसमें भी करीब 2% की तेजी दर्ज की गई.

टाटा स्टील बना टॉप गेनर

सुबह 10:30 बजे के करीब टाटा स्टील के शेयरों में 4% से अधिक की तेजी देखी गई, जिससे यह निफ्टी मेटल इंडेक्स का टॉप गेनर बन गया. कंपनी के अच्छे तिमाही नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्मों से सकारात्मक रेटिंग मिलने से इसमें और तेजी आई.

अन्य कंपनियों के शेयरों में भी उछाल

एनएएलको (NALCO) के शेयरों में 3.73%, सेल (SAIL) में 3.26% और जिंदल स्टेनलेस में 2.82% की बढ़त दर्ज की गई. इसके अलावा एनएमडीसी (NMDC) और हिंदुस्तान कॉपर के शेयर क्रमशः 2.74% और 2.52% चढ़े.

भारत में खुदरा महंगाई में गिरावट

अप्रैल माह में भारत की खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 3.16% पर आ गई है. यह गिरावट भारतीय रिजर्व बैंक को ब्याज दरों में कटौती की ओर एक और कदम बढ़ाने का मौका दे सकती है.

एचडीएफसी बैंक की प्रमुख अर्थशास्त्री साक्षी गुप्ता के अनुसार, “मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहने से आरबीआई अब आर्थिक विकास पर ध्यान केंद्रित कर सकता है और जून में 25 आधार अंकों की कटौती संभव है.”

बैंक ऑफ बड़ौदा की अर्थशास्त्री अदिति गुप्ता ने कहा, “इस वर्ष कुल मिलाकर 50 आधार अंकों की और कटौती की उम्मीद की जा सकती है.”

अमेरिका में भी महंगाई नियंत्रण में

अमेरिका में भी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) अप्रैल में 0.2% बढ़ा, जबकि मार्च में यह 0.1% की गिरावट में था. सालाना आधार पर यह वृद्धि 2.3% रही, जो मार्च में 2.4% थी.

अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों में सुधार

वाशिंगटन और बीजिंग ने आपसी व्यापारिक शुल्कों में नरमी लाने का फैसला किया है, जिससे वैश्विक मंदी की आशंका कुछ हद तक कम हुई है. इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और बाजार में उत्साह देखा गया.

डिस्क्लेमर: हम किसी को भी शेयर बाजार में निवेश करने की सलाह नहीं दे रहे हैं. कहीं भी निवेश करने से पहले अपने आर्थिक सलाहकार से सलाह अवश्य लें.