कम होगी EMI, आपकी जेब में बचेगा ज्यादा पैसा, 5 दिसंबर को RBI दे सकता है बड़ी खुशखबरी!

कम होती महंगाई और स्थिर आर्थिक स्थिति के बीच RBI अपनी दिसंबर मौद्रिक नीति बैठक में रेपो दर 0.25 प्रतिशत घटा सकता है. इससे कर्ज सस्ता होगा, EMI कम होगी और अर्थव्यवस्था में नई गति आ सकती है.

@SujalJethwani
Sagar Bhardwaj

देश की आर्थिक धड़कन मानी जाने वाली मौद्रिक नीति पर इस बार सबकी नजरें टिकी हैं. खुदरा महंगाई लगातार दो महीनों से सरकार के तय न्यूनतम लक्ष्य से भी नीचे है, जिससे रेपो दर में कमी का रास्ता साफ होता दिख रहा है. विशेषज्ञों के बीच इस पर मतभेद जरूर हैं, लेकिन उम्मीदें ज्यादा हैं कि RBI आम लोगों को राहत देने की दिशा में कदम उठा सकता है. अगर दरें कम होती हैं, तो कर्ज लेने वालों पर सीधा सकारात्मक असर पड़ेगा.

 महंगाई में गिरावट से बढ़ी उम्मीदें

पिछले दो महीनों से खुदरा महंगाई 2 प्रतिशत से भी नीचे है, जो बड़े बदलाव का संकेत है. इसी गिरावट को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि मौद्रिक नीति समिति रेपो दर में 0.25 प्रतिशत की कटौती कर सकती है. इससे लोन सस्ते होंगे और बाजार में सक्रियता बढ़ेगी.

क्या कह रहे विशेषज्ञ

कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि तेजी पकड़ती अर्थव्यवस्था के बीच RBI फिलहाल ब्याज दरें नहीं घटाएगा. उनके अनुसार सरकारी निवेश में सुधार, खर्च में संतुलन और GST दरों में कमी ने ग्रोथ को मजबूत आधार दिया है, इसलिए नीतिगत बदलाव की जरूरत नहीं दिखती.

 3 से 5 दिसंबर तक होगी समिति की बैठक

मौद्रिक नीति समिति की बैठक 3 से 5 दिसंबर तक होगी और 5 दिसंबर को RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा निर्णय जारी करेंगे. पिछले वर्ष फरवरी से अगस्त तक केंद्रीय बैंक ने कुल 1 प्रतिशत की कटौती की थी और रेपो दर को 5.5 प्रतिशत पर लाया था. उसी के बाद से दरें स्थिर हैं.

 नई रिपोर्टों में क्या संकेत?

HDFC बैंक की रिपोर्ट कहती है कि आर्थिक वृद्धि उम्मीद से बेहतर और महंगाई अनुमान से कम है, इसलिए इस बार फैसला बेहद करीबी रहेगा. उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही 2026-27 तक महंगाई 4 प्रतिशत से नीचे रहेगी, जिससे 0.25 प्रतिशत कटौती का आधार बनता है.