3 साल की जेल, 1 करोड़ का जुर्माना या फिर दोनों! ऑनलाइन गेमिंग बिल के नियम-कानून तोड़े तो मिलेगी कठोर सजा, पढ़ें डिटेल
इस बिल का उद्देश्य पैसे देकर ऑनलाइन सट्टेबाजी, मनी लॉन्ड्रिंग को रोकना तथा ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को रेगूलेट करने के साथ-साथ ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग को प्रमोट करना है. बिल में नियम तोड़ने पर कठोर सजा और जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है.
ऑनलाइन गेमिंग (प्रोत्साहन और नियमावली) बिल 2025 को मॉनसून सत्र के अंतिम दिन आज राज्यसभा से भी पास कर दिया गया. इस बिल का उद्देश्य पैसे देकर ऑनलाइन सट्टेबाजी, मनी लॉन्ड्रिंग को रोकना तथा ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को रेगूलेट करने के साथ-साथ ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेमिंग को प्रमोट करना है. बिल में नियम तोड़ने पर कठोर सजा और जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है.
आइए जानते हैं नियम तोड़ने पर क्या होगी सजा और कितना होगा जुर्माना?
1. पैसे देकर गेम खिलाने पर 3 साल की सजा या 1 करोड़ तक का जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं.
2. भ्रामक विज्ञापनों पर 2 साल तक की जेल या 50 लाख का जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं.
3. अनधिकृत लेनदेन (धारा 7) पर 3 साल तक की जेल या 1 करोड़ जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.
4. बार-बार जुर्म करने पर इसे धारा 5 और धारा 7 का उल्लंघन माना जाएगा, जिसमें 3 साल की जेल, जिसे बढ़ाकर 5 साल तक किया जा सकता है. इसके साथ-साथ 1 करोड़ का जुर्माना जिसे बढ़ाकर 2 करोड़ किया जा सकता है, शामिल हैं.
धारा 6 (विज्ञापन): न्यूनतम 2 साल की जेल जिसे बढ़ाकर 3 साल तक किया जा सकता है साथ में 50 लाख का जुर्माना जिसे बढ़ाकर 1 करोड़ तक किया जा सकता है.
5. संज्ञेय और गैर-संज्ञेय अपराधों के लिए
धारा 5 और 7 के तहत आने वाले अपराधों को संज्ञेय और गैर-संज्ञेय अपराध माना जाता है.
इसके तहत पुलिस बिना किसी पूर्व अनुमति के केस दर्ज कर सकती है, जब्त कर सकती है और गिरफ्तार कर सकती है. वहीं जमानत भी आसानी से नहीं मिलेगी.
6. कंपनी और डायरेक्टरों की जिम्मेदारी
अगर कंपनी दोषी पाई जाती है तो कंपनी और उल्लंघन के समय कंपनी का संचालन कर रहे अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा.
वहीं जानबूझकर अपराध की अनुमति देने वाले निदेशकों, मैनेजरों और अधिकारियों को ही सजा दी जाएगी.
वहीं स्वतंत्र और गैरकार्यकारी निदेशकों, जो दैनिक फैसलों में शामिल नहीं होते, को सुरक्षा दी गई है.
7. सरकारी आदेशों का पालन ना करने पर 10 लाख तक का जुर्माना. इसके अलावा निलंबन और रजिस्ट्रेशन का रद्दीकरण और ऑनलाइन गेम्स के प्रमोशन और खिलाने पर एक निश्चित समय के लिए रोक अतिरिक्त जुर्माने के तौर पर लगाई जा सकती है.