Petrol-Diesel Price Today: पेट्रोल-डीजल भरवाने से पहले देख लें आज का भाव, इन शहरों में इतना है रेट

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद आज देश में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं. दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: रोजमर्रा की जरूरतों में पेट्रोल और डीजल की कीमत का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है. इसलिए घर से निकलने से पहले अपने शहर में ईंधन के ताजा रेट जान लेना जरूरी है. आज देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है. अलग-अलग शहरों में स्थानीय कर और अन्य वजहों से दोनों ईंधनों के दाम अलग बने हुए हैं.

आज देश में पेट्रोल की औसत कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल की औसत कीमत 97.83 रुपये प्रति लीटर बताई गई है. दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है. वहीं मुंबई में पेट्रोल 111.31 रुपये और डीजल 97.97 रुपये प्रति लीटर पर है. महानगरों में दिल्ली में ईंधन की कीमतें तुलनात्मक रूप से कम हैं.

शहर के हिसाब से आज का रेट

दिल्ली के अलावा फरीदाबाद में पेट्रोल 103.28 रुपये और डीजल 96.10 रुपये प्रति लीटर है. चेन्नई में पेट्रोल 107.78 रुपये और डीजल 99.56 रुपये है. लखनऊ में दोनों के दाम क्रमशः 101.86 रुपये और 95.36 रुपये हैं. पटना में पेट्रोल 113.35 रुपये और डीजल 99.36 रुपये प्रति लीटर है.


नासिक में पेट्रोल 112.46 रुपये और डीजल 98.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है. भोपाल में पेट्रोल 115.41 रुपये और डीजल 100.47 रुपये है. प्रयागराज में पेट्रोल की कीमत 101.82 रुपये, जबकि डीजल 95.05 रुपये प्रति लीटर है. इस तरह अलग-अलग शहरों में ईंधन की कीमतों में साफ अंतर देखने को मिल रहा है.

रूस से तेल खरीद में आई कमी

भारत के कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी अगस्त में कम हुई है. जुलाई की तुलना में अगस्त में रूस से भारत का तेल आयात 16.5 प्रतिशत घटकर करीब 21 लाख बैरल प्रति दिन रह गया. दूसरी ओर, मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ी है. संयुक्त अरब अमीरात की सरकारी कंपनी ADNOC ने होर्मुज स्ट्रेट के बाहर फुजैराह और सोहर जैसे टर्मिनलों से तेल की सप्लाई शुरू की है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा साइन किए गए Lindsey O. Graham Sanctioning Russia and Iran Act के बाद रूस से तेल खरीदना भारतीय रिफाइनरियों के लिए आर्थिक जोखिम बढ़ाने वाला विषय बन गया है.