नई दिल्ली: देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार की हलचल का असर चर्चा में है. 20 अगस्त को ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई है. मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है. ऐसे में भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी आयात बिल और महंगाई दोनों पर दबाव डाल सकती है.
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा आयात करता है. इसलिए वैश्विक बाजार में लंबे समय तक तेल महंगा रहने पर घरेलू ईंधन कीमतों में बदलाव की संभावना बढ़ सकती है. फिलहाल दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु में पेट्रोल और डीजल के अलग अलग दाम हैं. वाहन चालकों के लिए आज के रेट जानना इसलिए जरूरी है.
20 अगस्त को दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई. मुंबई में पेट्रोल 111.12 रुपये प्रति लीटर है. वहीं कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल के लिए 113.43 रुपये और चेन्नई में 107.75 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. अन्य बड़े शहरों की बात करें तो हैदराबाद में पेट्रोल 115.69 रुपये प्रति लीटर और बेंगलुरु में 110.93 रुपये प्रति लीटर है. अलग अलग राज्यों में लागू करों और अन्य स्थानीय लागतों के कारण शहरों के बीच पेट्रोल की कीमतों में अंतर दिखाई देता है.
डीजल की कीमतों में भी शहर के हिसाब से अंतर बना हुआ है. दिल्ली में 20 अगस्त को डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर है. मुंबई में इसका भाव 97.78 रुपये प्रति लीटर और कोलकाता में 99.78 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है. चेन्नई में डीजल की कीमत 99.57 रुपये प्रति लीटर है. हैदराबाद में यह 103.82 रुपये और बेंगलुरु में 98.79 रुपये प्रति लीटर है. वाहन चालकों को ईंधन भरवाने से पहले अपने शहर में लागू कीमत की पुष्टि कर लेना चाहिए.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 92 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.29 प्रतिशत बढ़कर 91.88 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. इससे पहले बुधवार को तेल की कीमतों में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई थी. मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की आशंका और संयुक्त अरब अमीरात द्वारा ईरान के साथ वित्तीय तथा आर्थिक लेनदेन रोकने के फैसले ने बाजार की चिंता बढ़ाई. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से शिपिंग भी धीमी बनी हुई है.
भारत में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम केवल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत पर निर्भर नहीं करते. वैश्विक क्रूड रेट के साथ केंद्र और राज्य सरकारों के कर, रिफाइनिंग मार्जिन, माल ढुलाई और वितरण लागत भी कीमत को प्रभावित करते हैं. इसके अलावा रुपये और अमेरिकी डॉलर के बीच विनिमय दर में होने वाला बदलाव भी महत्वपूर्ण होता है. अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा रहता है, तो भारत का आयात बिल बढ़ सकता है. इसका असर महंगाई के दबाव पर भी पड़ सकता है.