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India Daily

9000 करोड़ की गलती के बाद TMB का बड़ा टेक अपग्रेड, अब AI और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से होगी बैंकिंग की निगरानी

तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने 2023 में हुई 9000 करोड़ रुपये की गलत क्रेडिट घटना के बाद अपनी तकनीकी व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं. बैंक ने रियल-टाइम फ्रॉड मॉनिटरिंग, AI आधारित सिस्टम और ऑटोमेटेड ट्रांजैक्शन प्रोसेसिंग को अपनाया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
9000 करोड़ की गलती के बाद TMB का बड़ा टेक अपग्रेड, अब AI और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से होगी बैंकिंग की निगरानी
Courtesy: social media

करीब तीन साल पहले एक ऑटो-रिक्शा चालक के खाते में गलती से 9000 करोड़ रुपये पहुंचने की घटना ने तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक की तकनीकी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे. बैंक ने अब उस अनुभव से सबक लेते हुए लेनदेन की प्रक्रिया को अधिक स्वचालित बनाया है. साथ ही बड़े ट्रांजैक्शन पर नजर रखने के लिए रियल-टाइम सिस्टम भी लगाए गए हैं.

मैनुअल प्रक्रिया हटाकर सीधे जुड़ी व्यवस्था

बैंक के आईटी प्रमुख डेविस जोस थेत्तायिल के अनुसार, 2023 की घटना फाइल प्रोसेसिंग के दौरान हुई मानवीय गलती का नतीजा थी. अब आरबीआई या क्लियरिंग हाउस से आने वाली फाइल सीधे कोर बैंकिंग सिस्टम में पहुंचती है. पहले इनके बीच कर्मचारियों को फाइल डाउनलोड, प्रोसेस और अपलोड करनी पड़ती थी. बैंक ने इस बीच की मैनुअल प्रक्रिया को खत्म कर स्ट्रेट-थ्रू प्रोसेस लागू किया है.

बड़े लेनदेन पर रियल-टाइम नजर

बैंक ने हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन की निगरानी के लिए कई ट्रिगर लगाए हैं. अगर किसी ग्राहक का लेनदेन उसके सामान्य पैटर्न से काफी ज्यादा होता है तो सिस्टम तुरंत फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट टीम को अलर्ट करता है. इसके बाद बैंक ग्राहक से संपर्क कर लेनदेन की पुष्टि करता है और सत्यापन के बाद रकम जारी की जाती है. इससे असामान्य गतिविधियों पर तेजी से कार्रवाई संभव होगी.

AI से छंटेंगे फ्रॉड के अलर्ट

तमिलनाड मर्केंटाइल बैंक ने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग व्यवस्था को भी AI आधारित सिस्टम से जोड़ दिया है. बैंक के मुताबिक, करीब 99 प्रतिशत अलर्ट गलत संकेत हो सकते हैं. AI तकनीक ऐसे फर्जी अलर्ट को अलग करने में मदद करेगी, ताकि कर्मचारी वास्तविक जोखिम वाले मामलों पर ज्यादा ध्यान दे सकें. बैंक आगे ग्राहक डेटा को एक जगह लाने के लिए डेटा लेक और AI-एनालिटिक्स यूनिट बनाने की भी तैयारी कर रहा है.

बढ़े कारोबार के साथ साइबर सुरक्षा पर जोर

बैंक अब अपने आईटी बजट का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा साइबर सुरक्षा पर खर्च करने की योजना बना रहा है. साथ ही AI और एनालिटिक्स का इस्तेमाल लक्षित मार्केटिंग, संभावित एनपीए की पहचान और ग्राहकों के बैंक छोड़ने के जोखिम को समझने में किया जाएगा. बैंक का कोर बैंकिंग सिस्टम Infosys Finacle पर है और इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म को इस साल Infosys Digital Engagement Hub पर अपग्रेड किया गया है. बैंक की बैलेंस शीट भी 2023 के करीब 53000 करोड़ रुपये से बढ़कर Q1 FY27 में 75300 करोड़ हो गई है.