Petrol Diesel Price: दिवाली से पहले दिल्ली से मुंबई तक पेट्रोल-डीजल के रेट स्थिर, एक क्लिक में देखें पूरी लिस्ट!

Petrol Diesel Price: रविवार 19 अक्टूबर 2025 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ. प्रमुख महानगरों में पेट्रोल की कीमतें 94 रुपये से 107 रुपये प्रति लीटर के बीच बनी रहीं, जबकि डीजल के दाम 82 रुपये से 96 रुपये प्रति लीटर तक दर्ज किए गए.

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Babli Rautela

Petrol Diesel Price: देश की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने शनिवार को पेट्रोल और डीजल के नए रेट जारी किए. अधिकांश शहरों में ईंधन की कीमतों में स्थिरता बनी रही, हालांकि कुछ राज्यों में मामूली परिवर्तन देखा गया.

शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें (रुपये प्रति लीटर)

शहर पेट्रोल (₹) डीजल (₹)
नई दिल्ली 94.77 87.67
कोलकाता 105.41 92.02
मुंबई 103.50 90.03
चेन्नई 100.90 92.49
बेंगलुरु 102.92 90.99
चंडीगढ़ 94.30 82.45
हैदराबाद 107.46 95.70
जयपुर 104.72 90.21
लखनऊ 94.69 87.81
तिरुवनंतपुरम 107.48 96.48

कीमतों में स्थिरता के कारण

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें प्रतिदिन तेल विपणन कंपनियों (IOC, HPCL, BPCL) द्वारा संशोधित की जाती हैं. इन पर वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें, रुपया-डॉलर विनिमय दर, और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए कर बड़ा असर डालते हैं. हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है, लेकिन घरेलू स्तर पर सरकार के कर संतुलन और स्थिर नीति के चलते खुदरा दरों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है.

LPG (एलपीजी) की कीमतों का हाल

घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किग्रा) की औसत कीमत देशभर में ₹852.50 बनी हुई है. इसमें हाल के महीनों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है. अप्रैल 2025 में 50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी के बाद से कीमतें स्थिर बनी हुई हैं. पिछले एक साल में एलपीजी की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी गई थी, लेकिन फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत मिली हुई है.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें 82-86 डॉलर प्रति बैरल के बीच चल रही हैं. पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव और वैश्विक मांग में अनिश्चितता जैसे कारकों का असर तेल की कीमतों पर देखा जा रहा है.

एक्सपर्ट की राय

ऊर्जा क्षेत्र के विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले सप्ताहों में तेल की कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव संभव है. लेकिन जब तक कच्चे तेल का दाम 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहता है, तब तक भारत में खुदरा दरों पर बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है.