यूनियनों ने आज क्यों की देशव्यापी बैंक हड़ताल, जानें किन चीजों का कर रही विरोध, किस मांग पर पीछे हटने को नहीं तैयार?

पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग को लेकर सार्वजनिक बैंकों में देशव्यापी हड़ताल हुई. शाखा सेवाएं प्रभावित रहीं, जबकि डिजिटल बैंकिंग सामान्य रही.

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Km Jaya

नई दिल्ली: देशभर के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में मंगलवार को बैंकिंग सेवाएं बड़े स्तर पर प्रभावित रहीं, क्योंकि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया. इस हड़ताल की वजह लंबे समय से लंबित पांच दिन के कार्य सप्ताह की मांग बताई जा रही है.

यूनियनों का कहना है कि सरकार ने अभी तक इस मांग को औपचारिक रूप से लागू नहीं किया है. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस नौ प्रमुख बैंक यूनियनों का संयुक्त मंच है, जो सार्वजनिक बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है. हड़ताल के चलते स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे सरकारी बैंकों की शाखाओं में नकद लेनदेन, चेक क्लीयरेंस और प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुए.

सी एच वेंकटाचलम ने क्या कहा?

ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉयीज एसोसिएशन के महासचिव सी एच वेंकटाचलम ने कहा कि सुलह बैठकों में भी मांगों पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन ग्राहकों के खिलाफ नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के हित और बेहतर बैंकिंग व्यवस्था के लिए है.

हड़ताल कौन कर रहा है? 

हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा बुलाई गई है, जिसमें पब्लिक सेक्टर के बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली नौ प्रमुख यूनियनें शामिल हैं.

वे विरोध क्यों कर रहे हैं? 

यूनियनें पांच-दिवसीय कार्य सप्ताह को लागू करने की मांग कर रही हैं, जिससे पब्लिक सेक्टर के बैंकों में सभी शनिवार को छुट्टी हो जाएगी.

क्या है विवाद का कारण?

कथित तौर पर शनिवार की छुट्टियों का प्रस्ताव मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ 12वें द्विपक्षीय समझौते के दौरान सहमत हुआ था, लेकिन सरकारी अधिसूचना अभी भी लंबित है.

ब्रांच सेवाओं पर प्रभाव

SBI, PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित पब्लिक सेक्टर के बैंकों में कैश जमा, निकासी, चेक क्लियरेंस और प्रशासनिक कार्य जैसे ब्रांच-स्तर के कामकाज प्रभावित होंगे. 

प्राइवेट बैंकों पर असर

HDFC बैंक, ICICI बैंक और एक्सिस बैंक जैसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंकों पर ज़्यादा असर नहीं पड़ने की उम्मीद है, क्योंकि उनके कर्मचारी हड़ताल में शामिल यूनियनों का हिस्सा नहीं हैं.

डिजिटल बैंकिंग

UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग सहित डिजिटल सेवाएं काम करती रहेंगी. हालांकि, लॉजिस्टिक्स की दिक्कतों के कारण ATM में कैश मिलने में कुछ जगहों पर देरी हो सकती है.

ग्राहकों पर यूनियन का रुख

नेताओं का कहना है कि हड़ताल का मकसद कर्मचारियों की कार्यक्षमता और वित्तीय स्थिरता में सुधार करना है, न कि ग्राहकों के लिए सेवाओं को बाधित करना.

 जनरल सेक्रेटरी एल चंद्रशेखर ने कहा, “यह आंदोलन ग्राहकों के खिलाफ नहीं, बल्कि एक टिकाऊ, मानवीय और कुशल बैंकिंग सिस्टम के लिए है. एक आराम किया हुआ बैंकर देश की बेहतर सेवा करता है.”

सरकार और बैंकों की तैयारियां

वित्तीय सेवा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में SBI अधिकारियों, राष्ट्रीयकृत बैंकों के MD और IBA CEO के साथ एक इमरजेंसी मीटिंग हुई, ताकि सरकारी लेनदेन और बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट सेवाओं सहित कामकाज सुचारू रूप से चलता रहे.

एहतियाती उपाय

 बैंकों ने पुष्टि की है कि ATM में पर्याप्त कैश लोड किया गया है, और समय पर कैश भरने की व्यवस्था की गई है. हालांकि ब्रांच का काम प्रभावित हो सकता है, लेकिन डिजिटल चैनल सामान्य रूप से काम करने की उम्मीद है.

आधिकारिक सलाह

SBI सहित कई पब्लिक सेक्टर बैंकों ने स्टॉक एक्सचेंजों को हड़ताल के बारे में सूचित किया है. SBI ने एक बयान में कहा, हालांकि बैंक ने हड़ताल के दिन अपनी ब्रांचों और ऑफिसों में सामान्य कामकाज सुनिश्चित करने के लिए जरूरी व्यवस्था की है, लेकिन संभावना है कि काम प्रभावित हो सकता है.