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कर्ज घटा, मुनाफा बढ़ा, ग्राहक जुड़े... Jio ने IPO से पहले दिखाया दम; जानें कंपनी की पांच मुख्य बातें

रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए हैं. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का मुनाफा पहली बार ₹30,000 करोड़ के पार पहुंचा, प्रति यूजर औसत कमाई (ARPU) बढ़कर ₹214 हुई और कर्ज में भारी कमी आई है.

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Kuldeep Sharma

मुंबई: रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं एजीएम के बाद आए इस ड्राफ्ट से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने मुनाफे, रेवेन्यू और ग्राहकों की संख्या के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है.

इस ड्राफ्ट फाइलिंग की 5 सबसे बड़ी और मुख्य बातें

1. कमाई और मुनाफा- वित्त वर्ष 2026 में जियो का ऑपरेशनल रेवेन्यू 14.6% बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले साल 1.28 लाख करोड़ करोड़ था.

EBITDA यानी ऑपरेटिंग प्रॉफिट- यह 64,170 करोड़ से बढ़कर 76,255 करोड़ रुपये हो गया है और मार्जिन 51.9% रहा.


शुद्ध मुनाफा- जियो का मुनाफा इतिहास में पहली बार 30 हजार करोड़ के पार जाते हुए 30,049 करोड़ रहा. कंपनी ने महज 10 साल के सफर में यह मुकाम हासिल किया है.

2. आईपीओ के पैसे का इस्तेमाल- जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों में से करीब 27,500 करोड़ का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने के लिए करेगी. कंपनी इस आईपीओ में करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना बना रही है, हालांकि आईपीओ के कुल साइज की सटीक जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

3. कर्ज में भारी कमी- कंपनी की बैलेंस शीट पहले के मुकाबले काफी मजबूत हुई है. मार्च 2025 में जियो पर 45,273.4 करोड़ रुपये का नेट कर्ज था जो मार्च 2026 तक घटकर 27,579.20 करोड़ रुपये रह गया है. कंपनी का नेट लेवरेज भी घटकर महज 0.36 गुना रह गया है जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दिखाता है.

4. ग्राहकों की संख्या और ARPU में उछाल- वित्त वर्ष 2026 के अंत तक जियो के कुल यूजर्स की संख्या बढ़कर 52.44 करोड़ पहुंच गई है. इस साल कंपनी ने 3.62 करोड़ नए ग्राहक जोड़े. इसके साथ ही, प्रति यूजर होने वाली औसत कमाई यानी ARPU बढ़कर 214 रुपये प्रति महीना हो गई है जो पिछले साल 206.2 रुपये थी.

5. भविष्य का प्लान- जियो को उम्मीद है कि आने वाले समय में डिजिटल सेवाओं और ब्रॉडबैंड पर ग्राहकों का खर्च और बढ़ेगा. कंपनी अपने नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए निवेश जारी रखेगी. साथ ही, समय-समय पर टैरिफ में होने वाले बदलाव और महंगे बंडल प्लान्स के चलते कंपनी की कमाई और ARPU में आगे भी अच्छी बढ़त देखने को मिल सकती है.