रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा सोना-चांदी! अभी निवेश करना समझदारी या भारी रिस्क, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
वैश्विक तनाव और टैरिफ अनिश्चितता के बीच सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर है. सवाल यह है कि क्या मौजूदा स्तरों पर निवेश सुरक्षित है या गिरावट का इंतजार करना बेहतर रणनीति होगी.
नई दिल्ली: सोना और चांदी एक बार फिर निवेशकों के फोकस में हैं. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ पर फैसला टालने, डोनाल्ड ट्रंप के नए व्यापारिक संकेतों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने बाजार में डर का माहौल बनाया है. इसी कारण सोने की कीमतें ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच चुकी हैं. लेकिन जब कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर हों, तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है- क्या अभी निवेश करना सुरक्षित है या जोखिम भरा?
क्यों रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा सोना
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,800 डॉलर प्रति औंस के पार चला गया है. इसकी सबसे बड़ी वजह सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग है. ट्रेड वॉर की आशंका, यूरोप-अमेरिका तनाव और कमजोर डॉलर ने सोने को मजबूती दी है. ऐसे हालात में निवेशक शेयर और जोखिम भरे एसेट्स से पैसा निकालकर सोने की ओर रुख कर रहे हैं.
चांदी में तेजी, लेकिन उतार-चढ़ाव जारी
चांदी भी अपने रिकॉर्ड स्तर के आसपास कारोबार कर रही है, हालांकि इसमें सोने की तुलना में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि चांदी पर औद्योगिक मांग का भी असर होता है, इसलिए इसमें तेजी के साथ-साथ अचानक गिरावट का जोखिम भी बना रहता है. मौजूदा माहौल में चांदी निवेशकों के लिए थोड़ा ज्यादा जोखिम भरी मानी जा रही है.
घरेलू बाजार में निवेश कितना सुरक्षित
MCX पर सोना 1,53,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर पहुंच चुका है. रुपये की कमजोरी ने घरेलू कीमतों को और ऊपर धकेला है. विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्तरों पर एकमुश्त निवेश जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि मुनाफावसूली से कीमतों में हल्की गिरावट आ सकती है.
एक्सपर्ट्स की राय: अभी क्या करें निवेशक
कमोडिटी विशेषज्ञ मनोज कुमार जैन के मुताबिक, सोना और चांदी दोनों में फिलहाल भारी अस्थिरता बनी रहेगी. उनका मानना है कि इस समय शॉर्ट सेलिंग से बचना चाहिए. अगर निवेश करना ही है, तो 'Buy on Dips' यानी गिरावट पर धीरे-धीरे निवेश करना ज्यादा सुरक्षित रणनीति है, न कि ऊंचे स्तरों पर जल्दबाजी में खरीदारी.
अभी निवेश है या इंतजार बेहतर
अगर आप लंबे समय के निवेशक हैं, तो सोना अब भी एक सुरक्षित विकल्प बना हुआ है. हालांकि, रिकॉर्ड ऊंचाई के कारण तुरंत बड़ी रकम लगाना समझदारी नहीं होगी. छोटे-छोटे हिस्सों में निवेश और गिरावट का इंतजार करना फिलहाल ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है. चांदी में निवेश करते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी है, क्योंकि इसमें उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है.