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पाकिस्तान की तबाही से झूम उठा भारतीय शेयर बाजार, 4 साल में सबसे बड़ी सिंगल डे रैली, निवेशकों को हुआ 16 लाख करोड़ का फायदा

Share Market: भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्षविराम के बाद भारतीय शेयर बाजार में तूफानी तेजी देखी गई. भारतीय शेयर बाजार ने पिछले चार साल में सबसे बड़ी सिंगल डे बढ़ोतरी दर्ज की है.

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Gyanendra Tiwari

Share Market: पाकिस्तान में भारतीय एयरफोर्स द्वारा मचाई गई तबाही से भारतीय शेयर बाजार में 12 मई को रिकॉर्डतोड़ तेजी देखी गई. पिछले साल में सेंसेक्स और निफ्टी की सबसे बड़ी सिंगल डे रैली देखी गई. भारत का बाजार ऐसे उझला कि निवेशक झूम उठे. सेंसेक्स करीब 3000 अंक तो निफ्टी फिफ्टी करीब एक हजार अंक ऊपर चढ़कर बंद हुई. पिछले चार साल में भारतीय शेयर बाजार ने रिकॉर्डतोड़ सिंगल डे में सबसे बड़ी तेजी दर्ज की. यह भारतीय शेयर बाजार के लिए अंच्छे संकेत हैं. इस तेजी से निवेशकों को आज 16 लाख करोड़ रुपये का प्रॉफिट हुआ है. 

आज यानी सोमवार 12 मई को सेंसेक्स 2975.43 अंक यानी 3.7 फीसदी चढ़कर 82429 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी फिफ्टी 916 अंक यानी 3.8 फीसदी चढ़कर 24924 के स्तर पर बंद हुआ. इससे पहले भारतीय शेयर बाजार में सिंगल डे में सबसे उछाल 1 फरवरी 2021 को आया था. उस दौरान सेंसेक्स 4.7 फीसदी उछला था. उसके बाद भारतीय शेयर बाजार में सबसे बड़ी रैली 3 जून 2024 को आई थी. उसके बाजार गिरा और फिर आज यानी 12 मई को तूफानी तेजी ने सभी रिकॉर्ड्स तोड़ दिए.

निवेशकों को हुआ 16 लाख करोड़ का फायदा

भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम पर सहमति से निवेशकों में खुशी की लहर दौड़ गई और एक ही दिन में उन्हें 16 लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ गई. सेंसेक्स और निफ्टी में फरवरी 2021 के बाद सबसे तेज तेजी के रूप में करीब 4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई.

 BSE में लिस्टेड सभी कंपनियों का वैल्यूएशन आज ₹1,6,06,576 लाख करोड़ बढ़कर ₹4,32,47,426.73 लाख करोड़ हो गया. शुक्रवार को बंद होने तक यह आंकड़ा ₹4,16,40,850.46 था.

पाकिस्तान बना भारतीय शेयर बाजार में तूफानी तेजी लाने का कारण

भारतीय शेयर बाजा में 12 मई को इतनी तेजी क्यों आई इसका पहला कारण भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर बढ़ा तनाव रहा. तनाव कम होने के बाद निवेशकों को संतोष हुआ और विदेशी निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया. इसके साथ अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ को लेकर हुआ समझौता भी इसका एक कारण था. 

अमेरिका और चीन ने एक दूसरे पर लगाए गए टैरिफ पर 90 दिनो की रोक लगा दी है. अमेरिका ने चीन पर लागए गए 145 फीसदी टैरिफ को घटाकर 30 फीसदी करने को कहा है जबकि चीन ने अमेरिकी सामनों पर टैरिफ को कम करके 10 फीसदी तक करने को कहा है. 

इन घटनाओं के अलावा रूस और यूक्रएन के बीच इस्तानबुल में शांति वार्ता होगी. ऐसे मे दोनों देशों के बीच तीन साल से चल रहे युद्ध पर संघर्षविराम लगने की घोषणा भी हो सकती है जो बाजार के लिए अच्छे संकेत हैं. 

डिस्क्लेमर: हम किसी को भी शेयर बाजार में निवेश करने की सलाह नहीं दे रहे हैं. कहीं भी निवेश करने से पहले अपने आर्थिक सलाहकार से सलाह अवश्य लें.