नकली सोना गिरवी रख ICICI बैंक को लगाई 23 करोड़ की चपत, 2 साल बाद ऐसे हुआ खुलासा

आईसीआईसीआई बैंक में नकली सोना रखकर 23 करोड़ रुपये का गोल्ड लोन लेने का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक 159 खाताधारकों ने नकली सोना गिरवी रखकर बैंक को चपत लगाई.

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Sagar Bhardwaj

देश के बड़े निजी बैंक ICICI Bank में एक चौंकाने वाला गोल्ड लोन घोटाला सामने आया है. नागपुर की कई शाखाओं में ग्राहकों ने नकली सोना गिरवी रखकर करोड़ों रुपये का लोन हासिल कर लिया. यह मामला तब उजागर हुआ जब बैंक ने अपने गोल्ड लोन पोर्टफोलियो का इंटरनल ऑडिट किया. शुरुआती जांच में सामने आया कि करीब 23 करोड़ रुपये का लोन फर्जी सोने के आधार पर लिया गया, जिससे बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं.

घोटाले का खुलासा कैसे हुआ

यह मामला बैंक के इंटरनल ऑडिट के दौरान सामने आया, जब अधिकारियों ने गोल्ड लोन से जुड़े दस्तावेज और गिरवी रखे गहनों की जांच की. जांच में पाया गया कि कई शाखाओं में जमा किया गया सोना असली नहीं था. इसके बाद तुरंत उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई और पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू की गई.

कब और कैसे हुआ फर्जीवाड़ा

पुलिस के अनुसार, यह घोटाला जनवरी 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच अंजाम दिया गया. इस दौरान नागपुर की नौ शाखाओं में नकली सोना जमा कर लोन लिया गया. कुल 159 खाताधारकों ने इस तरीके से बैंक को धोखा दिया. इन सभी मामलों को अब पुलिस ने दर्ज कर लिया है और आरोपियों की पहचान की जा रही है.

कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल

जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या बैंक के अंदर के लोग भी इस घोटाले में शामिल थे. आमतौर पर सोने की शुद्धता की जांच वैल्यूअर करते हैं, जिनकी मंजूरी के बाद ही लोन दिया जाता है. ऐसे में बिना मिलीभगत के इतना बड़ा फर्जीवाड़ा होना मुश्किल माना जा रहा है.

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

धंतोली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और वित्तीय दोनों पहलुओं से केस की जांच की जा रही है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बैंकिंग सिस्टम में क्या सुधार किए जा सकते हैं.