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EPF Transfer Online Process: नौकरी बदली? अब चंद क्लिक में ट्रांसफर करें PF का पैसा, जानिए आसान तरीका

EPF Transfer Online Process: EPFO ने PF ट्रांसफर को आसान बना दिया है। अब नौकरी बदलने पर PF को नए अकाउंट में ऑनलाइन ट्रांसफर किया जा सकता है. इससे चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता है और रिटायरमेंट फंड सुरक्षित रहता है. EPFO का सुझाव है कि पीएफ को निकालने की बजाय ट्रांसफर करना ज्यादा लाभकारी है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
EPF Transfer Online Process: नौकरी बदली? अब चंद क्लिक में ट्रांसफर करें PF का पैसा, जानिए आसान तरीका
Courtesy: Social Media

EPF Transfer Online Process: अगर आप नौकरी बदल रहे हैं और अपने पुराने PF अकाउंट की राशि को नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो अब यह प्रक्रिया बेहद आसान हो गई है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने पीएफ ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई है, जिससे कर्मचारियों को अब फॉर्म 13 को फिजिकल रूप से भरने की जरूरत नहीं रहती.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक EPFO के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर जाकर आप यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पासवर्ड की मदद से लॉगिन कर सकते हैं. इसके बाद 'एक सदस्य, एक PF अकाउंट' सेवा के तहत PF ट्रांसफर की रिक्वेस्ट की जा सकती है. यह ऑनलाइन प्रक्रिया पारदर्शी, तेज और सुरक्षित है, जिससे कर्मचारी का रिटायरमेंट फंड और चक्रवृद्धि ब्याज बना रहता है.

OTP आधारित वेरिफिकेशन 

ट्रांसफर प्रक्रिया को पूरा करने के लिए सदस्य का UAN सक्रिय होना चाहिए और यह आधार, मोबाइल नंबर और बैंक खाते से लिंक होना चाहिए. लॉगिन के बाद यूजर को व्यक्तिगत और रोजगार संबंधी जानकारी को वेरिफाई करना होगा. ट्रांसफर रिक्वेस्ट के लिए पुराने या नए नियोक्ता को चुना जा सकता है, जो OTP आधारित वेरिफिकेशन से प्रमाणित किया जाता है.

PF ट्रांसफर संभव 

EPFO के अनुसार, पुराने नियोक्ता को 'मार्क एग्जिट' के विकल्प के माध्यम से अपनी तरफ से एग्जिट डेट अपडेट करनी होगी, तभी PF ट्रांसफर संभव हो पाएगा. ट्रांसफर के लिए प्रत्येक पुराने PF अकाउंट पर केवल एक बार ही रिक्वेस्ट की जा सकती है.

रिटायरमेंट फंड पर ब्याज 

ऑनलाइन ट्रांसफर से न केवल समय और कागजी कार्यवाही की बचत होती है, बल्कि यह प्रक्रिया सदस्यों के लिए वित्तीय रूप से फायदेमंद भी है. EPFO का मानना है कि PF को ट्रांसफर करने से रिटायरमेंट फंड पर ब्याज लगातार मिलता रहता है, जबकि अकाउंट क्लोज करने पर ब्याज की गणना रुक जाती है.

लॉन्ग टर्म फायदे 

इससे कर्मचारियों को टैक्स सेविंग और सेविंग ग्रोथ पर बेहतर नियंत्रण भी मिलता है. EPFO बार-बार यह सुझाव देता रहा है कि नौकरी बदलते समय अकाउंट को क्लोज करने के बजाय ट्रांसफर करें, ताकि लॉन्ग टर्म फायदे मिल सकें और एक संगठित रिटायरमेंट फंड तैयार हो सके.