GST: 12% टैक्स स्लैब से मिलेगा छुटकारा? खाने की चीजों से लेकर हवाई यात्रा तक, जानें क्या होगा सस्ता-क्या महंगा
GST परिषद इस मुद्दे पर विचार करने के लिए अपनी अगली बैठक में चर्चा करेगी, जो जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में हो सकती है. संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होगा, और संभावना है कि इससे पहले ही इस पर निर्णय ले लिया जाए.
आज देश की नजर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के होने वाले MPC Meeting पर है. लोगों को उम्मीद है कि आज आईबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा कोई राहत की खबर देंगे. इस बीच खबर ये भी है कि जल्द ही GST को लेकर भी कुछ बड़ा फैसला लिया जा सकता है. आम जनता उम्मीद बांधे हुए है कि 12% टैक्स स्लैब से आज राहत मिल सकती है. इसके अलावा कौन सी चीजें सस्ती होंगी और क्या महंगा इस पर भी सबकी नजर टिकी हुई है.
इससे आम लोगों की जेब पर प्रभाव पड़ेगा. केंद्र सरकार ने GST परिषद (GST Council) का गठन किया है जडो कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) के टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव करने वाली है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 12% टैक्स स्लैब को पूरी तरह खत्म करने की पेशकश की जा सकती है.
वर्तमान में भारत में चार GST टैक्स स्लैब लागू हैं- 5%, 12%, 18% और 28%. लेकिन अब GST को तीन स्लैब में सिमटाने की योजना है.
अगर12% टैक्स स्लैब हटता है तो उसमें आने वाले उत्पादों और सेवाओं को या तो 5% टैक्स स्लैब में डाला जाएगा या फिर उन्हें 18% टैक्स स्लैब में शिफ्ट किया जाएगा. इसका मतलब यह हुआ कि कुछ चीजें सस्ती होंगी, जबकि कुछ की कीमतें बढ़ सकती हैं.
12% GST में आने वाले प्रमुख चीजें और उत्पाद
रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल 12% टैक्स स्लैब में शामिल हैं:
पैक्ड और प्रोसेस्ड खाद्य उत्पाद: मक्खन, घी, चीज़, फ्रूट जूस, जैम, नमकीन आदि
सूखे फल और मेवे: बादाम, खजूर
घरेलू उपयोग के सामान: छाता, लकड़ी या बेंत के फर्नीचर
स्टेशनरी और एक्सेसरीज में: पेंसिल, क्रेयॉन, जूट और कॉटन बैग
जूते: जिनकी कीमत 1,000 रुपये से कम है
डायग्नोस्टिक किट्स और कुछ निर्माण सामग्री जैसे मार्बल व ग्रेनाइट
होटल सेवाएं: 7,500 रुपये प्रतिदिन तक का ठहराव
हवाई यात्रा (नॉन-इकोनॉमी क्लास)
कुछ विशेष कंस्ट्रक्शन सेवाएं
मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट और प्रोफेशनल सेवाएं
इनमें से जिन वस्तुओं को 5% टैक्स श्रेणी में डाला जाएगा, वे उपभोक्ताओं के लिए सस्ती हो जाएंगी, जबकि 18% वाले स्लैब में डालने से उनकी कीमतों में इजाफा होना तय है.
GST परिषद कब लेगी फैसला?
GST परिषद इस मुद्दे पर विचार करने के लिए अपनी अगली बैठक में चर्चा करेगी, जो जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में हो सकती है. संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होगा, और संभावना है कि इससे पहले ही इस पर निर्णय ले लिया जाए. हालांकि रिपोर्ट यह भी कहती है कि अब तक GoM की फाइनल रिपोर्ट GST परिषद को सौंपी नहीं गई है. अभी तक किसी टैक्स स्लैब में कटौती या छूट की औपचारिक सिफारिश भी नहीं की गई है.
आम आदमी पर कैसा पड़ेगा असर?
अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो इसका सीधा असर घर के बजट पर पड़ेगा. जो वस्तुएं 12% से घटकर 5% में जाएंगी, वे सस्ती होंगी जैसे पैक्ड फूड या स्टेशनरी. वहीं जो उत्पाद 18% में जाएंगे, उनकी कीमत बढ़ेगी जैसे होटल सेवाएं या एयर ट्रैवल.
इस बदलाव का उद्देश्य टैक्स व्यवस्था को अधिक सरल, प्रभावी और राजस्व-संतुलित बनाना है, लेकिन यह भी सच है कि इससे आम आदमी की जेब पर फर्क पड़ेगा. अब देखना होगा कि यह असर राहत देगा या बोझ बढ़ाएगा.