सोना-चांदी ईटीएफ में 21% तक गिरावट, ट्रंप के बयान ने बदली बाजार की दिशा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपने रुख में बदलाव किया. जिसका असर मार्केट पर भी देखने को मिला. इस ऐलान के बाद सोना-चांदी के ईटीएफ में गिरावट देखने को मिला है.
सोना-चांदी के दामों में लगातार उछाल देखने को मिल रहा है. निवेशक इन ईटीएफ में पैसा लगाकर सुरक्षित निवेश का भरोसा महसूस कर रहे थे. लेकिन 22 जनवरी को एक घटनाक्रम की वजह से बाजार की दिशा पूरी तरह बदल गई और गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ में भारी बिकवाली देखने को मिली. कुछ फंड एक ही दिन में 15 से 21 प्रतिशत तक टूट गए.
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 जनवरी को ग्रीनलैंड के प्रति अपने रूख में बदलाव किया है. शुरुआत में ट्रंप ने ग्रीनलैंड और कुछ अन्य देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी. हालांकि दावोस में नाटो के महासचिव के साथ मुलाकात के बाद अपने बयान में बदलाव कर लिया. जिसकी वजह से कीमत गिर गई.
भू-राजनीतिक तनाव के कारण उथल-पुथल
अमेरिका और ग्रीनलैंड के बीच तनाव को देखते हुए निवेशक जोखिम बढ़ने के कारण सुरक्षित निवेश, यानी सोना और चांदी की ओर भागे थे और इनकी कीमतें तेज़ी से बढ़ गईं. लेकिन नाटो महासचिव मार्क रुट्टे से मुलाकात के बाद ट्रंप ने अपना रुख बदल लिया. उन्होंने कहा कि एक फरवरी से लागू होने वाले टैरिफ नहीं लगाए जाएंगे और अमेरिका ग्रीनलैंड पर सैन्य बल का इस्तेमाल नहीं करेगा. इस बदलाव से बाजार को यह संकेत मिला कि भू-राजनीतिक तनाव कम हो सकता है. रिस्क घटते ही निवेशकों ने सोने और चांदी से मुनाफा निकालना शुरू किया.
इन ईटीएफ पर पड़ा असर
अभी तक की जानकारी के मुताबिक टाटा सिल्वर ईटीएफ करीब 21 प्रतिशत टूटकर लगभग 26.41 रुपये पर आ गया. ग्रो, थ्री सिक्स्टी वन और एक्सिस सिल्वर ईटीएफ में 16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई. कोटक, मिराए एसेट और आदित्य बिड़ला सन लाइफ सिल्वर ईटीएफ 15 प्रतिशत टूटे, जबकि निप्पॉन, डीएसपी, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई सिल्वर ईटीएफ लगभग 14 प्रतिशत नीचे आए. सिल्वर ही नहीं गोल्ड ईटीएफ पर भी इसका असर पड़ा. बिड़ला सन लाइफ गोल्ड ईटीएफ करीब 12 प्रतिशत गिरकर 130.42 रुपये पर आ गया. एक्सिस, टाटा और बंधन गोल्ड ईटीएफ में लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट देखी गई.
डीएसपी, एचडीएफसी, निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ, एलआईसी एमएफ गोल्ड ईटीएफ और अन्य फंड 9 प्रतिशत से अधिक नीचे आए. सोना-चांदी में गिरावट का असर संबंधित कंपनियों के शेयरों पर भी दिखा. हिंदुस्तान जिंक के शेयर 6 प्रतिशत गिरकर 653.10 रुपये पर आ गए. यह कंपनी भारत में प्रमुख चांदी उत्पादक है, और चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव से इसके शेयर प्रभावित होते हैं.