EPFO का बड़ा ऐलान! 5 लाख रुपये तक ऑटो क्लेम, 72 घंटे में मिलेगा पैसा; जानिए नई स्कीमों के फायदे

ईपीएफओ ने नियोक्ताओं से EEC-2026, विश्वास योजना और एमनेस्टी योजना का लाभ उठाने की अपील की है. साथ ही EPFO 3.0 के तहत डिजिटल सेवाओं का विस्तार कर कर्मचारियों और संस्थानों के लिए प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया है.

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Kuldeep Sharma

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नियोक्ताओं को नई अनुपालन और विवाद समाधान योजनाओं का लाभ उठाने की सलाह दी है. संगठन का कहना है कि EPFO 3.0 और CITES प्लेटफॉर्म के जरिए सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है, जिससे कर्मचारियों और संस्थानों दोनों को सुविधा मिलेगी.

नई योजनाओं से बढ़ेगा सामाजिक सुरक्षा दायरा

ग्रेटर नोएडा के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1 वैभव सिंह ने बताया कि Employees’ Enrolment Campaign (EEC-2026) का उद्देश्य उन पात्र कर्मचारियों को ईपीएफ से जोड़ना है, जो पहले किसी कारणवश इससे वंचित रह गए थे. यह अभियान स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने के साथ अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने का प्रयास है. इसके अलावा Vishwaas Scheme-2026 और Amnesty Scheme-2026 भी संस्थानों को लंबित मामलों के समाधान और अनुपालन को नियमित करने का अवसर प्रदान करती हैं.

विश्वास और एमनेस्टी योजना की प्रमुख बातें

ईपीएफओ के अनुसार, विश्वास योजना 29 जून से 28 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी. इसके तहत भविष्य निधि अंशदान में देरी से जुड़े दंड संबंधी विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया जा सकेगा. हालांकि, इससे मूल अंशदान या ब्याज की देनदारी समाप्त नहीं होगी. वहीं एमनेस्टी योजना उन संस्थानों के लिए लाई गई है, जो छूट प्राप्त पीएफ ट्रस्ट चलाते हैं लेकिन औपचारिक स्वीकृति या नियमित अनुपालन की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं. यह योजना डिजिटल आवेदन और एकमुश्त नियमितीकरण का अवसर देती है.


EPFO 3.0 से सेवाएं हुईं पूरी तरह डिजिटल

ईपीएफओ 3.0 और CITES प्लेटफॉर्म के जरिए सदस्य अब देश के किसी भी ईपीएफओ कार्यालय में दावा जमा कर सकते हैं. नौकरी बदलने या बेरोजगारी की स्थिति में कर्मचारी अपने पीएफ खाते से 75 प्रतिशत तक राशि निकाल सकते हैं, जबकि शेष 25 प्रतिशत राशि खाते में बनी रहेगी. संशोधित नियमों के तहत चिकित्सा, शिक्षा, विवाह और आवास जैसे उद्देश्यों के लिए अग्रिम निकासी की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक सरल और लचीली बनाई गई है.

ऑटो क्लेम और ब्याज भुगतान में बड़ा सुधार

संगठन ने बताया कि ऑटो क्लेम सेटलमेंट की सीमा 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है. पात्र दावों का निपटारा अब सामान्य रूप से 72 घंटे के भीतर किया जा रहा है. इसके साथ ही दावों पर ब्याज अंतिम स्वीकृति की तारीख तक जोड़ा जाएगा, जिससे सदस्यों को पहले की तुलना में अधिक ब्याज का लाभ मिलेगा. वैभव सिंह ने नियोक्ताओं से अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर इन विशेष योजनाओं का लाभ लें और आवश्यकता पड़ने पर क्षेत्रीय कार्यालय या संबंधित अधिकारियों से सहायता प्राप्त करें.