सोना-चांदी से महंगा क्या? सस्ता तांबा बन सकता है अगला ‘रिटर्न किंग’, कीमतों में दिखी जबरदस्त तेजी
कमोडिटी बाजार में तेजी लौट आई है. सोना-चांदी के महंगे होने के बीच तांबा निवेशकों के लिए सस्ता और मजबूत विकल्प बनकर उभरा है. बढ़ती मांग और सीमित सप्लाई आगे कीमतों को और सहारा दे सकती है.
कमोडिटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बाद एक बार फिर रफ्तार लौटती दिखाई दे रही है. सोना और चांदी जहां रिकॉर्ड स्तरों के आसपास पहुंच चुके हैं, वहीं तांबे ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू एक्सचेंज तक कॉपर की कीमतों में मजबूती दर्ज की जा रही है. 5 फरवरी 2026 को कॉमेक्स पर तांबा 5.8730 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि MCX पर भी भाव मजबूत बने हुए हैं.
तांबे की कीमतों में क्यों दिख रही मजबूती
पिछले कुछ समय की गिरावट के बाद कमोडिटी बाजार में सुधार साफ नजर आ रहा है. तांबे की कीमतों में तेजी का असर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों बाजारों में दिख रहा है. कॉमेक्स पर मजबूती के साथ-साथ MCX पर बुधवार को तांबा 1243.90 रुपये प्रति किलो के स्तर पर बंद हुआ. यह संकेत देता है कि निवेशक दोबारा इंडस्ट्रियल मेटल्स की ओर लौट रहे हैं.
सोना-चांदी महंगे, तांबा सस्ता विकल्प
सोना और चांदी की ऊंची कीमतें आम निवेशकों की पहुंच से दूर होती जा रही हैं. MCX पर सोना 1,53,390 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,70,549 रुपये प्रति किलो के आसपास बंद हुई. इसके मुकाबले तांबा काफी कम कीमत पर उपलब्ध है. सीमित बजट वाले निवेशकों के लिए यह कमोडिटी बाजार में एंट्री का बेहतर और किफायती जरिया बन सकता है.
डिमांड-सप्लाई का खेल बढ़ा रहा दाम
तांबे की मांग लगातार बढ़ रही है. बिजली उपकरण, तार, इलेक्ट्रिक वाहन, ग्रीन और रिन्यूएबल एनर्जी, सोलर पैनल और एआई डेटा सेंटर्स में इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. दूसरी ओर, खनन और सप्लाई उतनी तेजी से नहीं बढ़ पा रही. यही असंतुलन आने वाले समय में तांबे की कीमतों को और ऊपर ले जा सकता है.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत
पिछले साल तांबे ने निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया था और 2026 की शुरुआत में भी इसका ट्रेंड सकारात्मक बना हुआ है. जानकार मानते हैं कि लंबी अवधि के नजरिये से तांबा अच्छा अवसर दे सकता है. हालांकि, निवेश से पहले बाजार की चाल और जोखिम को समझना जरूरी है, ताकि तेजी का फायदा संतुलित तरीके से उठाया जा सके.