गैस आयात घटाने के लिए मोदी सरकार ने CBG मिशन को दी मंजूरी, किसानों को होगा सीधा लाभ

केंद्र सरकार ने 10 वर्षीय CBG मिशन को मंजूरी दी है. इसके तहत उत्पादकों को तय खरीद मूल्य, क्रेडिट गारंटी और पूंजी सहायता देकर घरेलू बायोगैस उत्पादन बढ़ाया जाएगा.

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Sagar Bhardwaj

देश में प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 10 वर्षीय कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) मिशन को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि इस मिशन के तहत CBG उत्पादकों को तय खरीद मूल्य, पूंजीगत सहायता और ऋण गारंटी जैसी सुविधाएं दी जाएंगी. सरकार का लक्ष्य घरेलू उत्पादन को तेजी से बढ़ाकर ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है.

तय कीमत और लोन गारंटी से मिलेगा बड़ा सहारा

सरकार ने इस मिशन को छह प्रमुख स्तंभों पर तैयार किया है, जिनमें मूल्य स्थिरता, पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन अवसंरचना, क्रेडिट गारंटी, नवाचार को बढ़ावा देने वाला चैलेंज फंड और संस्थागत सुधार शामिल हैं. योजना के तहत उत्पादकों को 2,110 रुपये प्रति MMBtu, यानी लगभग 105 रुपये प्रति किलोग्राम CBG का सुनिश्चित खरीद मूल्य मिलेगा. साथ ही परियोजना ऋण का 85 प्रतिशत तक क्रेडिट गारंटी भी दी जाएगी, जिससे निवेशकों का जोखिम कम होगा.

गैस आयात कम करने पर रहेगा जोर

अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत अपनी प्राकृतिक गैस की लगभग 50 प्रतिशत जरूरत आयात के जरिए पूरी करता है. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर देश पर पड़ता है. ऐसे में घरेलू स्तर पर कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन बढ़ाना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. सरकार का मानना है कि यह मिशन विदेशी गैस पर निर्भरता कम करने में मदद करेगा.


पर्यावरण और अर्थव्यवस्था दोनों को होगा लाभ

सरकार के अनुसार यह मिशन पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाएगा. अनुमान है कि इसके जरिए लगभग 4 करोड़ टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम किया जा सकेगा. साथ ही मिशन की अवधि में करीब 40,000 करोड़ रुपये की पूंजीगत बचत होने की संभावना है. एक बड़े प्रशासनिक बदलाव के तहत अब CBG से जुड़ी सभी योजनाओं को चार अलग-अलग मंत्रालयों के बजाय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधीन लाया जाएगा, जिससे निर्णय लेने और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी.

12 गुना उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य

वर्तमान में देश में 216 CBG संयंत्र संचालित हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता करीब 0.4 मिलियन मेट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (MMSCMD) है. सरकार अगले 10 वर्षों में इस उत्पादन को 12 गुना बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है. फसल अवशेष, पशु अपशिष्ट और नगर निगम के ठोस कचरे से बायोगैस तैयार करने वाली यह योजना किसानों और कचरा प्रबंधन क्षेत्र के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत भी बनेगी. इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ भारत के ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition) के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी.