8वें वेतन आयोग ने बढ़ाई रफ्तार, क्या जल्द बदलने वाली है सरकारी कर्मचारियों की सैलरी? जानिए नया अपडेट
8वें वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन व पेंशन संशोधन को लेकर अपना काम तेज कर दिया है. आयोग की टीम 7 और 8 सितंबर को चेन्नई में कर्मचारी यूनियनों से बातचीत कर रही है.
नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों की नजर इन दिनों 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई है. इसकी वजह है वेतन और पेंशन में संभावित बदलाव. केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था. आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. इस अवधि में करीब 10 महीने बीत चुके हैं. अब आयोग की टीम अलग-अलग जगहों पर जाकर कर्मचारियों और दूसरे हितधारकों की राय जुटा रही है.
इसी सिलसिले में आयोग की टीम 7 और 8 सितंबर को चेन्नई में है. यहां कर्मचारी यूनियनों के साथ सीधे बातचीत की जा रही है. दो दिनों की यह बैठक इसलिए अहम मानी जा रही है.
फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा नजर
चेन्नई में होने वाली चर्चाओं में फिटमेंट फैक्टर प्रमुख मुद्दों में शामिल है. इसी के आधार पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय होने से इसे वेतन संशोधन का अहम हिस्सा माना जाता है. इसके साथ सेवारत कर्मचारियों के वेतन में बदलाव का रोडमैप और रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन सुधार से जुड़े सुझाव भी चर्चा का हिस्सा हैं. महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के विकल्पों पर भी राय ली जा रही है.
सोशल मीडिया पर इन दिनों 2.15, 2.28 और 2.57 जैसे अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के दावे सामने आ रहे हैं. हालांकि इनमें से किसी भी आंकड़े को सरकार ने अभी आधिकारिक मंजूरी नहीं दी है. सातवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जबकि छठे वेतन आयोग में यह 1.86 तय किया गया था. इसलिए 8वें वेतन आयोग की सिफारिश का इंतजार बना हुआ है.
आयोग ने पहले भी किए कई राज्यों के दौरे
आयोग की टीम चेन्नई पहुंचने से पहले दिल्ली, लद्दाख, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित कई जगहों का दौरा कर चुकी है. इन यात्राओं के दौरान कर्मचारियों और दूसरे प्रमुख हितधारकों की चिंताओं और सुझावों को सुना गया. आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर आने वाले महीनों के दौरे का कार्यक्रम भी जारी किया है. इससे साफ है कि रिपोर्ट तैयार करने से पहले अलग-अलग क्षेत्रों की राय जुटाने पर जोर दिया जा रहा है.
चेन्नई में बैठक पूरी होने के बाद आयोग की टीम 9 सितंबर 2026 को पुडुचेरी जाएगी. इसके बाद 16 से 18 सितंबर 2026 तक चंडीगढ़ में बैठकें प्रस्तावित हैं. फिर 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में चर्चा होगी. इन दौरों के जरिए आयोग अलग-अलग पक्षों से जानकारी जुटा रहा है, ताकि तय समयसीमा के भीतर सरकार को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी जा सके.
अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा
8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों को वेतन और पेंशन में बदलाव की उम्मीद जरूर है, लेकिन अभी किसी निश्चित बढ़ोतरी का आंकड़ा सामने नहीं आया है. आयोग अपनी रिपोर्ट में विभिन्न मुद्दों पर सिफारिश करेगा. इसमें फिटमेंट फैक्टर, वेतन संशोधन, पेंशन, महंगाई भत्ता और काम करने की परिस्थितियां जैसे विषय शामिल हैं. इसलिए सोशल मीडिया पर सामने आ रहे संभावित वेतन आंकड़ों को फिलहाल आधिकारिक जानकारी मानना सही नहीं होगा.