2028 तक मिलेगी PM E-Drive सब्सिडी, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर मिलेगा फायदा; सरकार का ऐलान
सरकार ने PM E-Drive योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए सब्सिडी की अवधि बढ़ाकर 31 मार्च 2028 कर दी है. योजना का बजट भी बढ़ाया गया है और अधिक वाहन इसके दायरे में आएंगे.
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए सरकार ने राहत का ऐलान किया है. PM E-Drive योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर मिलने वाली सब्सिडी अब पहले की तय समयसीमा से आगे भी जारी रहेगी. नई व्यवस्था में सब्सिडी के लिए फंड बढ़ाने के साथ पात्र वाहनों की संख्या भी बढ़ाई गई है.
2028 तक बढ़ी सब्सिडी की समयसीमा
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए PM E-Drive योजना को 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दिया है. पहले इस श्रेणी के लिए प्रोत्साहन 31 मार्च 2026 तक ही उपलब्ध था. संशोधित व्यवस्था के मुताबिक 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 के बीच पंजीकृत पात्र इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स को बैटरी क्षमता के आधार पर सहायता मिलेगी. हालांकि सब्सिडी का लाभ लेने के लिए संबंधित वाहन का दावा 31 दिसंबर 2027 तक जमा करना जरूरी होगा. इसके बाद भुगतान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी.
सब्सिडी का फंड भी बढ़ाया गया
सरकार ने केवल समयसीमा ही नहीं बढ़ाई, बल्कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के लिए निर्धारित राशि में भी बड़ा इजाफा किया है. इस श्रेणी के लिए आवंटन अब 2,767 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पहले 1,772 करोड़ रुपये था. यानी फंड में करीब 1,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है. योजना के तहत अधिकतम 2,500 रुपये प्रति किलोवॉट-ऑवर की दर से प्रोत्साहन मिलेगा. एक वाहन पर इसकी ऊपरी सीमा 5,000 रुपये रखी गई है.
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किस इलेक्ट्रिक बाइक या स्कूटर को मिलेगा फायदा
PM E-Drive का लाभ हर इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को नहीं मिलेगा. योजना के तहत पात्र वाहन की एक्स-शोरूम कीमत अधिकतम 1.5 लाख रुपये होनी चाहिए. सब्सिडी की सीमा वाहन की एक्स-शोरूम कीमत के 15 प्रतिशत या 5,000 रुपये में से जो भी कम होगी, उतनी ही रहेगी. सरकार ने पहले वित्त वर्ष 2024-25 में प्रति वाहन अधिकतम 10,000 रुपये तक प्रोत्साहन दिया था. बाद में 1 अप्रैल 2025 से यह सहायता घटाकर मौजूदा स्तर पर कर दी गई.
योजना का कुल बजट 11,900 करोड़ रुपये
PM E-Drive योजना को अक्टूबर 2024 में शुरू किया गया था. इसका उद्देश्य देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना और स्वच्छ परिवहन को प्रोत्साहित करना है. योजना के तहत इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के अलावा थ्री-व्हीलर्स, बस, ट्रक तथा इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड एंबुलेंस भी शामिल हैं. सरकार ने पूरी योजना के लिए 11,900 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. हालांकि तय फंड या वाहनों की निर्धारित संख्या पहले पूरी हो गई तो उसके बाद नए लाभार्थियों को सब्सिडी नहीं मिलेगी. L5 श्रेणी के इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स की सब्सिडी विंडो पहले ही बंद हो चुकी है.