जीवन की हर बाधा दूर करेंगी राधा, बस कर लें इन मंत्रों का जाप

Radharani Puja: मान्यता है कि राधारानी का पूजन करने से भगवान श्रीकृष्ण बड़ी आसानी से मिल जाते हैं. राधारानी को भगवान श्रीकृष्ण से अलग नहीं माना गया है. राधारानी के पूजन से हर प्रकार की समस्याएं दूर हो जाती है. इसके साथ ही सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं. राधा रानी का विधि-विधान से पूजन करने से जीवन में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं रहती है.

pexels
India Daily Live

Radharani Puja: राधारानी को भगवान श्रीकृष्ण का हृदय माना गया है. देवी राधा भगवान श्रीकृष्ण के हृदय में निवास करती हैं. मान्यता है कि राधारानी का पूजन व्यक्ति को हर प्रकार की समस्याओं से मुक्ति दिला सकता है. राधा रानी का पूजन व्यक्ति को सदमार्ग पर ले जाता है. इसके साथ ही जीवन की हर समस्याओं का अंत हो जाता है. किसी भी प्रकार की समस्या को दूर करने के लिए राधारानी का पूजन बेहद फलदायक होता है. 

वृंदावन के संतों के अनुसार 1000 नारायण के बराबर 1 राम नाम है. वहीं, 3 राम नाम 1 कृष्ण नाम के बराबर है और भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि 100 बार कृष्ण नाम 1 राधा नाम के तुल्य है. इस कारण ही संत प्रेमानंद जी महाराज राधा नाम जप की सलाह देते हैं. राधा नाम जप से सभी प्रकार के शोक मिट जाते हैं. इसके साथ ही जीवन खुशहाल हो जाता है. आइए जानते हैं राधा रानी को प्रसन्न करने के लिए क्या उपाय हैं. 

मनोकामना होगी पूरी 

राधा रानी का पूजन 'मंत्रैर्बहुभिर्विन्श्वर्फलैरायाससाधयैर्मखै: किंचिल्लेपविधानमात्रविफलै: संसारदु:खावहै। एक: सन्तपि सर्वमंत्रफलदो लोपादिदोषोंझित:, श्रीकृष्ण शरणं ममेति परमो मन्त्रोड्यमष्टाक्षर।।'मंत्र से शुरू करना चाहिए. मान्यता है कि मंत्र का जप करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी हो जाती है. इस जप का नाम हवन में आहुति के समय भी कर सकते हैं. 

नहीं होती है आर्थिक समस्या

अगर कोई व्यक्ति धन संबंधी समस्याओं से परेशान है तो उसको ओम ह्रीं श्रीराधिकायै नम:मंत्र का जाप करना चाहिए. इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति की जिंदगी की आर्थिक परेशानी दूर होती है.

हर परेशानी होगी दूर

जीवन में किसी भी प्रकार की परेशानी दूर करने के लिए नमस्ते परमेशानि रासमण्डलवासिनी। रासेश्वरि नमस्तेऽस्तु कृष्ण प्राणाधिकप्रिये।। इस मंत्र का 51 बार जाप करें. इससे जीवन में आने वाली हर परेशानी का अंत हो जाता है. 

राधाकृष्ण होते हैं प्रसन्न

मान्यता है कि नमस्त्रैलोक्यजननि प्रसीद करुणार्णवे। ब्रह्मविष्ण्वादिभिर्देवैर्वन्द्यमान पदाम्बुजे।।, इस मंत्र का जाप करने से भगवान श्रीकृष्ण और राधा प्रसन्न होती हैं. इस मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए. 

Disclaimer : यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है.  theindiadaily.com  इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.