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आज उत्पन्ना एकादशी पर बन रहा दिव्य योग पूरी होगी हर मनोकामना, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

आज 15 नवंबर को उत्पन्ना एकादशी का व्रत रखा जा रहा है. पूजा, मुहूर्त, राहुकाल और सूर्य ग्रह की स्थिति धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

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Edited By: Km Jaya
Utpanna Ekadashi India daily
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: आज 15 नवंबर 2025 को उत्पन्ना एकादशी का पावन व्रत मनाया जा रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार आज कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है और व्रत रखने से मनोकामनाएं पूर्ण होने का विश्वास है. आज सूर्य दक्षिणायन में स्थित है और हेमंत ऋतु का प्रभाव जारी है. 

राष्ट्रीय मिति के अनुसार आज कार्तिक 24, शक संवत 1947, विक्रम संवत 2082 के मुताबिक अंग्रेजी तारीख 15 नवम्बर 2025 ई. है. आज का दिन पूजा और धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जा रहा है. एकादशी तिथि अर्धरात्रोत्तर 02 बजकर 38 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ होगा. 

कैसी होगी नक्षत्र की स्थिति?

नक्षत्र की बात करें तो उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र आज रात 11 बजकर 38 मिनट तक रहेगा और उसके बाद हस्त नक्षत्र शुरू होगा. योग में विष्कुंभ योग का समय अगले दिन सूर्योदय तक बताया गया है. करण में आज बव करण दोपहर 01 बजकर 40 मिनट तक रहेगा और इसके बाद कौलव करण शुरू होगा. चन्द्रमा आज दिन और रात कन्या राशि में संचार करेगा.

क्या है सूर्योदय और सूर्यास्त का समय?

आज का सूर्योदय सुबह 6 बजकर 43 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 27 मिनट तक होगा. आज के व्रत और त्योहारों में उत्पन्ना एकादशी व्रत के साथ बिरसा मुण्डा जयंती भी शामिल है. दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

क्या है शुभ मुहूर्त?

आज के शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 58 मिनट से 5 बजकर 51 मिनट तक रहेगा. विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 53 मिनट से 2 बजकर 36 मिनट तक शुभ माना जाएगा. निशीथ काल रात 11 बजकर 39 मिनट से 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा. गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 27 मिनट से 5 बजकर 54 मिनट तक शुभ मानी जाएगी.

कब है अशुभ मुहूर्त?

अशुभ मुहूर्त में राहुकाल का समय सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. गुलिक काल सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. यमगंड का समय दोपहर 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक रहेगा. अमृत काल सुबह 8 बजकर 4 मिनट से 9 बजकर 24 मिनट तक रहेगा. दुर्मुहूर्त काल सुबह 6 बजकर 44 मिनट से 7 बजकर 27 मिनट तक रहेगा.

क्या है धार्मिक मान्यता?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आज का दिन व्रत, पूजा पाठ और ईश्वर भक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है और भक्त पूरे नियम के साथ उत्पन्ना एकादशी का पालन कर रहे हैं.