Worship of Lord Indra: मधुबनी, बिहार का यह छोटा सा शहर इन दिनों इंद्र देवता की पूजा के रंग में रंगा हुआ है. मिथिला की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक विविधता को समेटे हुए यह पर्व, हर साल की तरह इस बार भी लोगों के दिलों में खास जगह बनाने जा रहा है.
स्थानीय कलाकारों द्वारा बनाई गई इंद्र देव की मिट्टी की मूर्तियां, इस पूरे उत्सव का केंद्र बिंदु हैं. इन मूर्तियों पर बारीकी से रंग पेंट किए जा रहे हैं और कारीगर इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने में दिन-रात जुटे हुए हैं. काली मंदिर, सूरी हाई स्कूल और अन्य प्रमुख स्थलों को इंद्र पूजा के लिए भव्य रूप से सजाया जा रहा है.
यह पर्व 10 दिनों तक चलेगा और इस दौरान जिले के विभिन्न हिस्सों में इंद्रदेव की पूजा के लिए विशेष रूप से तैयार की गई मूर्तियों की सजावट का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है.
हर साल की तरह इस बार भी इस पर्व में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है. मेले का आयोजन भी धूमधाम से किया जाएगा, जिसमें जिले भर के लोग एकत्रित होंगे और मूर्तियों की भव्यता का आनंद लेंगे. मेले में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकगीत और नृत्य भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जो इस पर्व की महत्ता को और बढ़ाएंगे.
स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति इस बार के इंद्र पूजा को सफल बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार है. सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन और स्वच्छता के विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि भक्तों को कोई असुविधा न हो.
इंद्र पूजा, मधुबनी की सांस्कृतिक विरासत का एक अहम हिस्सा है. यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि यह स्थानीय कला, संस्कृति और परंपराओं को भी प्रदर्शित करता है. मधुबनी में इंद्र पूजा का यह पर्व, सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक उत्सव है जो लोगों को एक साथ लाता है. यह पर्व, मधुबनी की समृद्ध विरासत को दर्शाता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसे संरक्षित करने का एक प्रयास है.