नई दिल्ली: साल 2026 का दूसरा और आखिरी सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात लगने जा रहा है. भारतीय समय के अनुसार ग्रहण रात 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर 13 अगस्त की रात 1 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा. हालांकि ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण का प्रभाव राशियों पर देखा जा सकता है.
ज्योतिष गणना के अनुसार सूर्य ग्रहण के समय कर्क राशि में सूर्य, चंद्रमा, बुध और गुरु की मौजूदगी से चतुर्ग्रही योग बन रहा है. इस ग्रह स्थिति को कुछ राशियों के लिए विशेष शुभ माना जा रहा है. खासतौर पर मेष, मिथुन, सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए धन, करियर और भाग्य के लिहाज से अच्छे संकेत बताए जा रहे हैं.
मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रहण के बाद करियर में नए अवसर बन सकते हैं. लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति, नई जिम्मेदारी या स्थान परिवर्तन से जुड़ा प्रस्ताव मिल सकता है. आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ आय के नए रास्ते भी खुल सकते हैं.
मिथुन राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक रूप से लाभकारी रह सकता है. आय के नए स्रोत बनने की संभावना है. लंबे समय से अटका पैसा वापस मिल सकता है. संपत्ति से जुड़ा कोई फैसला भी आपके पक्ष में जा सकता है. सुख सुविधाओं में बढ़ोतरी होने के योग हैं.
सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव हैं. ऐसे में ग्रहण के बाद इस राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में मान सम्मान और प्रभाव मिलने की संभावना जताई जा रही है. नेतृत्व क्षमता मजबूत होगी और अधिकारी आपके काम से प्रभावित हो सकते हैं. व्यापारियों को बड़ी डील, नए ग्राहक या लाभदायक ऑर्डर मिलने के योग बन सकते हैं.
धनु राशि के लोगों के लिए सूर्य ग्रहण भाग्य में वृद्धि का संकेत दे रहा है. धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है. विदेश यात्रा या लंबी दूरी की यात्रा के अवसर मिल सकते हैं. विद्यार्थियों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है और पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है.
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान सूर्य मंत्र या भगवान शिव के मंत्र का जाप किया जा सकता है. ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान करके गेहूं, गुड़, तांबे के बर्तन या लाल वस्त्र का दान करना शुभ माना जाता है. हरियाली अमावस्या के अवसर पर पीपल का पौधा लगाना और उसकी सेवा करना भी पुण्यकारी माना गया है.