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Navratri 2026: आज मां कालरात्रि की पूजा में न करें ये गलतियां! जानें शुभ मुहूर्त, मंत्र और पूजा विधि

शारदीय नवरात्रि में सप्तमी तिथि आज है.पंचांग के अनुसार, आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 17 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर शुरू हो गई है.

Shilpa Shrivastava
Navratri 2026: आज मां कालरात्रि की पूजा में न करें ये गलतियां! जानें शुभ मुहूर्त, मंत्र और पूजा विधि
Courtesy: Pinterest

नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि में सप्तमी तिथि आज है.पंचांग के अनुसार, आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 17 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर शुरू हो गई है. यह 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 28 मिनट तक रहेगी. इसके बाद अष्टमी तिथि लग जाएगी. ऐसे में इस साल सप्तमी की मुख्य पूजा और व्रत 17 अक्टूबर 2026, शनिवार को रखा जा रहा है. इस दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है. 

मां कालरात्रि की पूजा का महत्व:

मां कालरात्रि को बुराई और अंधकार का नाश करने वाली देवी माना जाता है. उनका स्वरूप भले ही भयानक हो, लेकिन वे भक्तों का कल्याण करती हैं, इसलिए उन्हें शुभंकारी भी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी पूजा से नकारात्मक शक्तियों, शत्रुओं के भय और जीवन की बाधाओं से मुक्ति मिलती है. नवरात्रि के सातवें दिन मां की विशेष आराधना की जाती है. उनकी पूजा से शनि के अशुभ प्रभावों और संकटों से रक्षा होने की मान्यता भी है. मां कालरात्रि का वाहन गधा है, जो कठिन परिस्थितियों में धैर्य, साहस और कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देता है.

पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान:

18 और 19 अक्टूबर को कौन-सी पूजा होगी?

18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 28 मिनट तक सप्तमी तिथि रहेगी. इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी. दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, अष्टमी तिथि 19 अक्टूबर की सुबह तक रहने के कारण महाष्टमी की मुख्य पूजा 19 अक्टूबर को होगी.