Ramadan 2026: रमजान का छठा रोजा, जानें क्यों है यह बेहद खास और क्या है सेहरी-इफ्तार का सही वक्त?
रमजान-उल-मुबारक का पाक महीना अपनी पूरी रूहानियत के साथ जारी है. 19 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस पवित्र सफर में रोजेदार अब छठे रोजे की दहलीज पर हैं, जो सब्र और ईमानदारी का संदेश देता है. जानें इस दिन का कुरानिक महत्व और प्रमुख शहरों में समय.
नई दिल्ली: इस्लाम के सबसे पवित्र महीने रमजान में पूरी दुनिया के मुसलमान खुदा की इबादत में डूबे हुए हैं. आस्था का यह महीना न केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम है, बल्कि यह नमाज, कुरान की तिलावत और जकात के माध्यम से अल्लाह से अपना रिश्ता मजबूत करने का माध्यम भी है. रमजान के इस मुकद्दस महीने को तीन हिस्सों यानी 'अशरों' में बांटा गया है- रहमत, बरकत और मगफिरत. फिलहाल रोजेदार पहले अशरे यानी अल्लाह की रहमतों के साये में अपनी इबादत मुकम्मल कर रहे हैं. 19 फरवरी 2026 को शुरू हुआ यह पाक महीना अब अपने छठे पड़ाव पर पहुंचने वाला है.
मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को रखा जाने वाला छठा रोजा, रोजेदारों के लिए ईमानदारी और अल्लाह की फरमाबर्दारी का प्रतीक है. धार्मिक दृष्टिकोण से इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि यह इंसान को संयम की पराकाष्ठा सिखाता है. कुरान-ए-करीम के 25वें पारे में मौजूद 'सूरह शूरा' की 43वीं आयत का जिक्र करते हुए विद्वान बताते हैं ‘व लमन सबरा वगफरा इन्ना ज़ालिका लमिन अज़मिल उमूर’. इसका सरल अर्थ है कि जो व्यक्ति सब्र करता है और रहम दिली दिखाता है, वह खुदा की नजर में बुलंद मर्तबे और गरिमा का हकदार होता है.
रमजान का यह पवित्र महीना हमें सिखाता है कि जो रोजेदार मुश्किल घड़ी में भी धैर्य, ईमानदारी और दया की कसौटी पर खरा उतरता है, वही वास्तव में अल्लाह की रहमतों को पाने का हकदार होता है. मुकम्मल ईमानदारी के साथ रखा गया रोजा ही एक सच्चे रोजेदार की असली पहचान है.
सहरी और इफ्तार का समय
रोजे की शुरुआत फज्र की अजान से पहले 'सहरी' के साथ होती है और दिन भर के कठिन उपवास के बाद शाम को मगरिब की अजान के वक्त 'इफ्तार' के साथ इसे खोला जाता है. रोजा मुकम्मल होने के लिए समय की पाबंदी बेहद जरूरी है. दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, कानपुर और चेन्नई जैसे महानगरों में मंगलवार, 24 फरवरी को छठे रोजे के दौरान सहरी और इफ्तार के समय में भौगोलिक स्थिति के कारण मामूली अंतर हो सकता है. रोजेदारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्थानीय समय के अनुसार ही अपनी इबादत को अंजाम दें ताकि रोजा पूरी सुन्नत के साथ मुकम्मल हो सके.
| शहर का नाम (City Name) | सेहरी समय (24 February Sehri Timing) |
इफ्तार समय (24 February Iftar Timing) |
|---|---|---|
| दिल्ली (Delhi) | 05:32 AM | 06:19 PM |
| नोएडा (Noida) | 05:31 AM | 06:18 PM |
| चेन्नई (Chennai) | 05:15 AM | 06:18 PM |
| लखनऊ (Lucknow) | 05:17 AM | 06:05 PM |
| पुणे (Pune) | 05:43 AM | 06:40 PM |
| मुंबई (Mumbai) | 05:47 AM | 06:43 PM |
| कोलकाता (Kolkata) | 04:46 AM | 05:39 PM |
| हैदराबाद (Hyderabad) | 05:24 AM | 06:22 PM |
| पटना (Patna) | 04:48 AM | 05:48 PM |
| भुवनेश्वर (Bhuvneshwar) | 04:56 AM | 05:51 PM |
| जयपुर (Jaipur) | 05:37 AM | 06:26 PM |
| इंदौर (Indore) | 05:36 AM | 06:29 PM |
| बेंगलुरु (Bengaluru) | 05:32 AM | 06:19 PM |
| अहमदाबाद (Ahmadabad) | 05:49 AM | 06:41 PM |
| सूरत (Surat) | 05:48 AM | 06:42 PM |
| कानपुर (Kanpur) | 05:19 AM | 06:08 PM |
| जम्मू (Jammu) | 05:41 AM | 06:24 PM |
| रांची (Ranchi) | 04:49 AM | 05:50 PM |
| चंडीगढ़ (Chandigarh) | 05:34 AM | 06:19 PM |