यहां जानें होलाष्टक के 8 दिनों में क्या करें और क्या ना करें


Km Jaya
23 Feb 2026

होलाष्टक की शुरुआत कब हो रही?

    द्रिक पंचांग के अनुसार इस साल होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू होकर 3 मार्च तक रहेगा. इन आठ दिनों के बाद होलिका दहन होगा.

क्यों माना जाता है अशुभ समय?

    मान्यता है कि इस अवधि में नौ ग्रह उग्र रूप में होते हैं. इसलिए शुभ और मांगलिक कार्य टालने की सलाह दी जाती है.

शादी विवाह से करें परहेज

    होलाष्टक के दौरान शादी, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन और नामकरण जैसे कार्य नहीं करने चाहिए. इससे कार्यों में बाधा आ सकती है.

नया काम शुरू न करें

    नया व्यापार, बड़ा निवेश या घर खरीदने जैसे फैसले इस समय टालना बेहतर माना जाता है.

विवाद और क्रोध से बचें

    इस अवधि में मानसिक तनाव बढ़ सकता है. इसलिए बहस, झगड़े और गुस्से से दूरी बनाए रखें.

तामसिक भोजन से दूरी

    मांस, शराब और ज्यादा मसालेदार भोजन से परहेज करें. सात्विक भोजन और संयम अपनाना लाभदायक माना जाता है.

भगवान विष्णु की करें आराधना

    विशेषज्ञों के अनुसार इस समय भगवान विष्णु की पूजा, विष्णु सहस्त्रनाम और हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ होता है.

दान पुण्य का महत्व

    होलाष्टक में दान, पितृ तर्पण और जरूरतमंदों की मदद करना पुण्यदायी माना गया है.

प्रह्लाद की कथा से जुड़ाव

    मान्यता है कि इसी काल में असुर राजा हिरण्यकशिपु ने भक्त प्रह्लाद को कष्ट दिए थे. अटूट भक्ति ने अंत में जीत दिलाई.

संयम और साधना का समय

    इन आठ दिनों को तप, श्रद्धा और आत्मचिंतन का समय माना जाता है. सकारात्मक सोच और ध्यान से मन को मजबूत रखें.

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