Mahakumbh 2025: इटली से आई महिलाओं ने महाकुंभ में गाया सुंदर भजन, विदेशी नागरिकों की हिंदी सुनकर हैरान रह जाएंगे

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जारी महाकुंभ 2025 एक बार फिर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का भव्य प्रदर्शन बन चुका है. देश और दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाने और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए उमड़ रहे हैं.

PTI
Garima Singh

Mahakumbh 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जारी महाकुंभ 2025 एक बार फिर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता का भव्य प्रदर्शन बन चुका है. देश और दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाने और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने के लिए उमड़ रहे हैं.

भक्तों के इस उत्साहपूर्ण माहौल के बीच संगम घाट पर एक विशेष दृश्य ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. इस बीच इटली से आई महिलाओं के एक समूह ने संस्कृत श्लोकों और रामचरितमानस की चौपाइयों का सुंदर पाठ किया.

इटली की महिलाओं का संस्कृत में श्लोक पाठ

महाकुंभ में इटली से आई महिलाओं के एक समूह ने भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत होकर संस्कृत श्लोकों और रामचरितमानस की चौपाइयों का सुंदर पाठ किया. इन्होंने काल भैरव अष्टक और अन्य महत्वपूर्ण श्लोकों का सटीक उच्चारण कर भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के प्रति अपनी निष्ठा का प्रदर्शन किया. इस दौरान उनकी मधुर वाणी ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को प्रभावित किया, और कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति की वैश्विक स्वीकृति का प्रमाण माना.

गुरु ने दिया अद्भुत प्रशिक्षण

महिलाओं के गुरु ने मीडिया को बताया कि ये महिलाएं भारतीय धर्मग्रंथों और संस्कृत भाषा में गहरी रुचि रखती हैं. उन्होंने कहा, 'इनके प्रशिक्षण के दौरान ऐसा कोई श्लोक या मंत्र नहीं है जो इन्हें याद न हो. यह पूरी तरह से उनकी समर्पण भावना का नतीजा है.'

आध्यात्मिक धारा में विदेशी भागीदारी

महाकुंभ जैसे आयोजनों में विदेशी श्रद्धालुओं की भागीदारी दिखाती है कि भारतीय संस्कृति और धर्म ने सीमाओं को पार कर वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है. इटली की इन महिलाओं ने अपने अनुकरणीय कार्य से यह साबित कर दिया कि आस्था और श्रद्धा में कोई जाति या देश बाधा नहीं बन सकता.

संगम पर श्रद्धालुओं का उमंग और उत्साह

महाकुंभ में गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम तट पर इकट्ठा हुए श्रद्धालुओं ने इस भक्ति-भावपूर्ण माहौल की प्रशंसा की. इटली की महिलाओं के संस्कृत पाठ के दौरान उपस्थित भक्तों ने भी "हर हर महादेव" और "जय श्री राम" के नारे लगाए.