Ekadashi Vrat: एकादशी व्रत के नियम, श्रीहरि का आशीर्वाद पाना है तो जान लें सही तरीका

कई लोग एकादशी का व्रत तो रखते हैं लेकिन उसके नियमों का पालन नहीं करते, जिससे उन्हें उसका पूरा पुण्य नहीं मिल पाता. ऐसे में जरूरी है कि व्रत करने से पहले उसके नियमों को जान लें.

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Reepu Kumari

Ekadashi Vrat: हिंदू धर्म में व्रत-त्योहारों का विशेष महत्व है और उनमें भी एकादशी व्रत को सबसे पवित्र माना जाता है. हर महीने दो बार पड़ने वाला एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. एकादशी के दिन व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और पापों से मुक्ति मिलती है. लेकिन इस व्रत का फल तभी मिलता है जब इसे सही नियमों के साथ किया जाए. कई लोग हैं जो नियमों का पालन नहीं करते हैं.

कई लोग एकादशी का व्रत तो रखते हैं लेकिन उसके नियमों का पालन नहीं करते, जिससे उन्हें उसका पूरा पुण्य नहीं मिल पाता. ऐसे में जरूरी है कि व्रत करने से पहले उसके नियमों को जान लें. आइए आपको बताते हैं एकादशी व्रत के जरूरी नियम जिन्हें मानकर आप भगवान विष्णु की कृपा पा सकते हैं.

कब और कैसे रखें एकादशी व्रत?

  • एकादशी व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की 11वीं तिथि को रखा जाता है.
  • व्रत का पारण द्वादशी तिथि (12वीं) के दिन सूर्योदय के बाद करना चाहिए.

दिन की शुरुआत ऐसे करें

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और भगवान विष्णु की पूजा करें.
  • व्रत का संकल्प लें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें.

क्या खाएं, क्या नहीं?

  • व्रत में फल, दूध, दही, साबूदाना जैसे सात्विक चीजें ही लें.
  • चावल, मसूर की दाल, तले-भुने और तेल वाले भोजन से बचें.
  • कांसे के बर्तन में भोजन न करें, ब्रह्मचर्य का पालन करें.

किन बातों से रहें दूर?

  • झूठ, चुगली, निंदा, क्रोध और द्वेष से बचें.
  • घर में शांति बनाए रखें और भगवान का स्मरण करते रहें.

पारण और दान का महत्व

  1. द्वादशी के दिन व्रत खोलते समय सबसे पहले चावल खाएं.
  2. किसी ब्राह्मण को दक्षिणा और भोजन का दान जरूर करें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई तमाम जानकारी अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट्स से ली गई हैं. इंडिया डेली लाइव इसकी पुष्टी नहीं करता है.