नई दिल्ली: चैत्र नवरात्रि हिंदू कैलेंडर का सबसे पवित्र समय होता है, जब मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है. साल 2026 में यह उत्सव 19 मार्च गुरुवार से शुरू होकर 27 मार्च तक चलेगा, साथ ही इसी दिन से विक्रम संवत 2083 का नया साल भी आरंभ होगा. इस अवसर पर न सिर्फ पूजा-पाठ महत्वपूर्ण है, बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर को सकारात्मक ऊर्जा से भरना भी जरूरी है. कुछ खास उपाय अपनाकर आप घर में स्थायी समृद्धि, शांति और धन-धान्य की प्राप्ति सुनिश्चित कर सकते हैं. ये उपाय सरल हैं और इनका असर जीवनभर रहता है.
नवरात्रि के पहले दिन घर के मुख्य द्वार को साफ-सुथरा करके हल्दी-चावल से स्वास्तिक बनाएं. यह चिन्ह मंगल का प्रतीक है, जो नकारात्मक शक्तियों को रोकता है और अच्छी ऊर्जा को अंदर आने देता है. रोज शाम यहां घी का दीपक जलाएं और 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' मंत्र जपें. ऐसा करने से लक्ष्मी जी का वास बना रहता है, आर्थिक तंगी दूर होती है और परिवार में सुख बढ़ता है. यह सबसे आसान लेकिन सबसे कारगर उपाय है.
घर की पूजा जगह उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में होनी चाहिए. नवरात्रि में यहां कलश स्थापित करें. कलश में गंगाजल, सुपारी, दूर्वा, फूल और नारियल डालें, ऊपर आम के पत्ते और लाल कपड़ा बांधें. 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करें. इस दिशा में पूजा से वास्तु दोष नष्ट होते हैं, धन लाभ होता है और घर में सद्भाव बना रहता है. यह उपाय पूरे साल सकारात्मक वातावरण बनाए रखता है.
नौ दिनों तक हर शाम एक छोटे कप में पांच लौंग और एक कपूर जलाकर धुआं पूरे घर में फैलाएं. यह नकारात्मक ऊर्जा, तनाव और वास्तु दोषों को दूर करता है. सुगंध से मां दुर्गा और लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. धुआं फैलाते हुए 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' मंत्र जपें. यह सरल तरीका घर को शुद्ध और सकारात्मक बनाए रखता है, जिससे शांति और समृद्धि बनी रहती है.
रोज शाम तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं. तुलसी विष्णु प्रिया हैं, इसलिए 'ॐ तुलस्यै नमः' मंत्र जपें. दीपक जलाने से लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है, धन-धान्य की कमी नहीं होती. रोज तुलसी को जल अर्पित करें और परिक्रमा करें. वास्तु में यह अनिवार्य माना जाता है, जो आर्थिक मजबूती और पारिवारिक सुख बढ़ाता है. यह उपाय नवरात्रि के बाद भी जारी रखें.
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