Amarnath Yatra 2026: 15 अप्रैल से एडवांस रजिस्ट्रेशन शुरू, यात्रा से पहले जान लें जरूरी निर्देश
अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए 15 अप्रैल से एडवांस रजिस्ट्रेशन शुरू होगा. आधार आधारित प्रक्रिया, आयु सीमा और सुरक्षा नियमों के साथ श्रद्धालुओं को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर अनुमति दी जाएगी.
अमरनाथ यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनती है. 2026 की यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार यात्रा के लिए एडवांस रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। देशभर में तय 554 बैंक शाखाओं के जरिए श्रद्धालु अपनी बुकिंग करा सकेंगे। प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए कई जरूरी नियम तय किए हैं, जिनका पालन करना हर यात्री के लिए अनिवार्य होगा।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और जरूरी शर्तें
श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड के अनुसार, इस बार रजिस्ट्रेशन “फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व” के आधार पर किया जाएगा। हर दिन के लिए सीमित कोटा तय किया गया है, इसलिए जल्दी आवेदन करना जरूरी होगा। आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए पहचान सुनिश्चित की जाएगी और परमिट ऑनलाइन जारी होंगे। केवल 13 से 70 वर्ष तक के लोग ही यात्रा के लिए पात्र होंगे। छह सप्ताह से अधिक गर्भवती महिलाओं को इस यात्रा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
अमरनाथ यात्रा का धार्मिक महत्व
अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म की प्रमुख यात्राओं में गिनी जाती है। यह यात्रा दक्षिण कश्मीर में स्थित लगभग 3,880 मीटर ऊंचाई पर बनी पवित्र गुफा तक पहुंचती है, जहां भगवान शिव का प्राकृतिक हिमलिंग स्थापित होता है। यह हिमलिंग चंद्रमा के घटने-बढ़ने के साथ आकार बदलता है, जिसे श्रद्धालु चमत्कार मानते हैं। पहलगाम और बालटाल दो मुख्य मार्ग हैं, जिनसे होकर श्रद्धालु इस कठिन लेकिन आस्था से भरे सफर को पूरा करते हैं। हर साल हजारों लोग इस यात्रा में भाग लेते हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी निर्देश
यात्रा पर जाने वाले हर श्रद्धालु के लिए RFID कार्ड लेना अनिवार्य होगा, जो उन्हें जम्मू-कश्मीर के निर्धारित केंद्रों से प्राप्त करना होगा। यात्रा के दौरान इसे गले में पहनना जरूरी रहेगा। ठंड और अनिश्चित मौसम को देखते हुए ऊनी कपड़े, रेनकोट और मजबूत जूते साथ रखना अनिवार्य बताया गया है। साथ ही, पहचान पत्र और जरूरी दस्तावेज हमेशा अपने पास रखने होंगे। प्रशासन ने यह भी सलाह दी है कि श्रद्धालु अपने साथ यात्रा करने वाले साथी की जानकारी जेब में लिखकर रखें, ताकि किसी आपात स्थिति में मदद मिल सके।
क्या करें और क्या न करें
प्रशासन ने यात्रा के दौरान कुछ सख्त नियम भी तय किए हैं। बिना RFID कार्ड के किसी भी यात्री को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऊंचाई पर होने वाली बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की चेतावनी दी गई है। शराब, धूम्रपान और कैफीनयुक्त पेय पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही, शॉर्टकट रास्तों से बचने और चेतावनी वाले स्थानों पर रुकने से मना किया गया है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टिक के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।