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कौन थे चंद्रनाथ रथ? जिनकी हत्या पर बंगाल में मच गया सियासी बवाल; पढ़ें बैकग्राउंड

पश्चिम बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी गई. इस पर सियासी बवाल खड़ा हो गया है. चलिए जानते हैं कौन थे चंद्रनाथ रथ?

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Shilpa Srivastava

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की है, जिसके बाद से बंगाल में जश्न का माहौल देखा जा रहा है. हालांकि, राज्य में हिंसा की घटनाएं भी बढ़ गई हैं. बुधवार रात सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई. चंद्रनात पर तीन गोलियां चलाई गईं. इनकी हत्या के बाद से राज्य में सियासी बवाल उफन रहा है. 

इस मामले को लेकर बीजेपी के कई नेताओं ने TMC पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस हत्या के पीछे उनकी पार्टी के लोग हैं. खबरों के अनुसार, जिस दिन मतगणना हो रही थी उस दिन चंद्रनाछ रथ की टीएमसी के कार्यकर्ताओं से बहस हो गई थी. माना जा रहा है कि इस बहस के चलते उनकी हत्या की गई है. इस मामले को देखते हुए कोलकाता में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. साथ ही सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है. 

कौन थे चंद्रनाथ रथ?

चंद्रनाथ रथ, सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल अस्सिटेंट थे. वे पिछले पांच साल से सुवेंदु के कामकाज की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. बता दें कि चंद्रनाथ एक लोकल बीजेपी कार्यकर्ता भी थे. उन्हें अक्सर सुवेंदु के साथ चुनावी रैलियों और कार्यक्रमों में देखा गया था. भवानीपुर में चुनाव प्रचार के दौरान चंद्रनाथ ने अहम भूमिका निभाई थी.

चंद्रनाथ रथ का बैकग्राउंड:

बता दें कि इससे चंद्रनाथ रथ भारतीय वायुसेना में भी नौकरी कर चुके थे. फिर इन्होंने वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी, जिसके बाद उन्होंने कुछ समय कॉर्पोरेट क्षेत्र में काम किया. फिर इसके बाद वो राजनीति और प्रशासनिक कामों की तरफ चले गए. बता दें कि 2019 में जब सुवेंदु अधिकारी ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे, तब चंद्रनाथ रथ उनकी टीम में शामिल हो गए. इसके बाद सुवेंदु अधिकारी टीएमसी छोड़कर भाजपा में चले गए. हालांकि, इसके बाद भी चंद्रनाथ उनके साथ ही रहे.

चंद्रनाथ के परिवार का राजनीतिक इतिहास:

चंद्रनाथ रथ के परिवार की बात करें तो वह पहले TMC से जुड़े हुए थे. उनकी मां का नाम हसी रथ है और उन्होंने पूर्वी मेदिनीपुर में टीएमसी के समय एक स्थानीय पंचायत में पद संभाला था. फिर जब सुवेंदु अधिकारी टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए तो चंद्रनाथ का पूरा परिवार बीजेपी में शामिल हो गया.