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'वोट नहीं दिया तो छोड़ना पड़ेगा इलाका', TMC नेता की खुलेआम धमकी का वीडियो हुआ वायरल

पश्चिम बंगाल के मोगराहाट में टीएमसी नेता इमरान हसन मोल्ला ने मतदाताओं को खुलेआम धमकी देते हुए कहा है कि सत्ताधारी दल को वोट न देने वालों को इलाके में रहने नहीं दिया जाएगा. उनके इस विवादास्पद बयान ने राज्य में निष्पक्ष चुनाव की संभावनाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: सियासी रण से पहले मोगराहाट में गरमाया माहौल पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी TMC के नेताओं के बोल बिगड़ने लगे हैं. दक्षिण 24 परगना जिले के मोगराहाट में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के युवा नेता इमरान हसन मोल्ला का एक बेहद आपत्तिजनक वीडियो सामने आया है. सोमवार को हुई एक चुनावी सभा में मोल्ला ने लोकतंत्र की मर्यादा को ताक पर रखते हुए मतदाताओं को सीधे तौर पर धमकाया. सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में नेताजी साफ कह रहे हैं कि अगर इलाके में रहना है, तो वोट सिर्फ टीएमसी को ही देना होगा.

इमरान हसन मोल्ला ने सभा में उपस्थित लोगों को चेतावनी देते हुए कहा, 'तृणमूल को वोट न देने पर पीठ फूलकर तकिया हो जाएगा.' बात यहीं खत्म नहीं हुई; मोल्ला ने ममता सरकार की महत्वाकांक्षी 'लक्ष्मी भंडार' जैसी योजनाओं को भी धमकी के औजार के रूप में इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि अगर जनता ने किसी और पार्टी का साथ दिया, तो वे यह देख लेंगे कि इन सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक कैसे पहुंचता है.

2026 में 'माफी' का रास्ता बंद 

अपने संबोधन में टीएमसी नेता ने 2021 के पिछले चुनाव का हवाला देते हुए कहा कि उस समय 'बेईमानी' करने वालों को पार्टी ने बड़ा दिल दिखाते हुए माफ कर दिया था, लेकिन 2026 के चुनावों में कोई रियायत नहीं मिलेगी. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जो लोग पार्टी के प्रति निष्ठा नहीं दिखाएंगे, उन्हें अपने परिवारों के साथ इलाका छोड़कर जाना पड़ेगा. यह बयान ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान का वादा कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत मतदाताओं में डर का माहौल पैदा कर रही है.

विपक्ष का पलटवार: 'खुद भागने की तैयारी कर लें नेता' 

इस वीडियो के सामने आते ही विपक्षी दलों ने तृणमूल कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया है. भाजपा नेता सजल घोष ने तीखी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे नेता टीएमसी की 'पूंजी' हैं और चुनाव के बाद जनता इन्हें ऐसा सबक सिखाएगी कि ये सीधे खड़े भी नहीं हो सकेंगे. उन्होंने कटाक्ष किया कि चुनाव नतीजों के बाद ये धमकी देने वाले नेता खुद इलाका छोड़कर भागते नजर आएंगे. पश्चिम बंगाल में चुनाव करीब आते ही राजनीतिक हिंसा और डराने-धमकाने के ये आरोप एक बार फिर से चुनावी शुचिता पर सवालिया निशान लगा रहे हैं.